शहर के जाट कालेज के सामने पड़ी गंदगी। संवाद
कैथल। शहर में नगर परिषद कर्मचारियों और सर्व कर्मचारी संघ (एसकेएस) ने मांगों के लिए बुधवार को विरोध प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों के समर्थन में पिहोवा चौक पर जोरदार प्रदर्शन किया और रोष मार्च निकालते हुए लघु सचिवालय पहुंचे। यहां कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम संजय कुमार को मांग पत्र (ज्ञापन) सौंपा।
आंदोलन को और तेज करते हुए कर्मचारियों ने अपनी हड़ताल को आगामी 30 अगस्त तक बढ़ाने का एलान किया। राजस्व विभाग के पटवारी भी इस प्रदर्शन में शामिल हुए। सभी विभागों के कर्मचारियों ने एकजुट होकर सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कर्मचारी नेता शिवचरण ने कहा कि सरकार उनकी जायज मांगों को लगातार नजरअंदाज कर रही है जिसके कारण उन्हें मजबूरन हड़ताल का रास्ता चुनना पड़ा है। जब तक सरकार उनकी मांगें नहीं मानती, यह आंदोलन इसी तरह जारी रहेगा।
शहर में 500 टन कचरा सड़कों पर : लगातार चल रही इस हड़ताल के कारण शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। शहर के चौक-चौराहों, गलियों और मुख्य बाजारों में जगह-जगह कचरे के बड़े-बड़े ढेर लग गए हैं। अनुमान के मुताबिक, इस समय पूरे शहर में लगभग 500 टन से ज्यादा कचरा सड़कों पर बिखरा पड़ा है। कूड़े का उठान न होने के कारण नालियां बंद हो गई हैं और गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है। सफाई व्यवस्था ठप होने से आम जनता का जीना मुहाल हो गया है। भीषण गर्मी और उमस के बीच सड़ते हुए कचरे से पूरे शहर में भयंकर बदबू फैल रही है जिससे लोगों का पैदल निकलना भी दूभर हो गया है। स्थानीय निवासियों ने चिंता जताई कि यदि जल्द ही कचरा नहीं उठाया गया, तो शहर में संक्रामक बीमारियां फैल सकती हैं।
शहर के जाट कालेज के सामने पड़ी गंदगी। संवाद
शहर के जाट कालेज के सामने पड़ी गंदगी। संवाद