कैथल अनाज मंडी से उठान करते मजदूर। संवाद
कैथल। जिले की अनाज मंडियों में धान की आवक पांच लाख मीट्रिक टन के करीब पहुंच गई है। सरकारी एजेंसियों की ओर से अब तक 3 लाख 92 हजार 462 मीट्रिक टन धान की खरीद की जा चुकी है। जिला खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले नियंत्रक (डीएफएससी) वरिंद्र सिंह के अनुसार रविवार शाम तक खरीदे गए धान का करीब 70 प्रतिशत उठान हो चुका है। शनिवार तक यह आंकड़ा करीब 65 प्रतिशत था।
हालांकि उठान में तेजी के दावों के बीच मंडियों में अब भी धान के कट्टों के अंबार लगे हुए हैं। डीसी अपराजिता के अनुसार जिले की मंडियों में शनिवार तक खरीदे गए धान में से 2 लाख 68 हजार 70 मीट्रिक टन का उठान हो चुका था। रविवार को मंडियों में खरीद बंद रही और उठान पर जोर दिया गया। डीएफएससी का दावा है कि रविवार को शाम तक उठान में 5 से 6 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हुई है।
डीएफएससी ने 308 करोड़ रुपये का किया भुगतान
डीएफएससी वरिंद्र सिंह ने बताया कि उनकी एजेंसी की ओर से अब तक किसानों को 308 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। नियमानुसार उठान के 24 घंटे के भीतर भुगतान की प्रक्रिया की जा रही है। उन्होंने कहा कि अन्य जिलों की तुलना में कैथल में उठान की स्थिति बेहतर है और इसमें लगातार तेजी लाई जा रही है।
ट्रकों की कमी से किया इन्कार, कट्टों के अंबार बने चुनौती
मंडियों में उठान की स्थिति के लिए डीएफएससी ने ट्रकों की कमी से इन्कार किया है। हालांकि मंडियों में धान के कट्टों के ढेर लगे होने से उठान की रफ्तार पर सवाल उठ रहे हैं। वहीं जिले में धान की आवक लगातार जारी है। ऐसे में मंडियों से खरीदे गए धान का समय पर उठान करना खरीद एजेंसियों के लिए जरूरी है, ताकि किसानों को फसल डालने के लिए जगह मिलती रहे और खरीद प्रक्रिया प्रभावित न हो।