कैथल। रोडवेज डिपो में परिचालकों की कमी के कारण बस संचालन प्रभावित हो रहा है। 336 स्वीकृत पदों के मुकाबले वर्तमान में 289 परिचालक ही सेवाएं दे रहे हैं। 47 पद खाली होने से कई रूटों पर बसों के फेरे सीमित करने पड़ रहे हैं। वहीं कर्मचारियों को अतिरिक्त ड्यूटी देकर व्यवस्था संभाली जा रही है। इसका असर ग्रामीण और व्यस्त रूटों पर अधिक दिखाई दे रहा है।
हर वर्ष कई परिचालक सेवानिवृत्त हो रहे हैं लेकिन उनके स्थान पर नियमित नियुक्तियां नहीं हो पा रही हैं। वर्ष 2018 में रोडवेज ने परिचालकों की स्थायी भर्ती की थी। इसके बाद कौशल रोजगार निगम के माध्यम से ही नियुक्तियां की जा रही हैं। अनुबंधित कर्मचारियों के खिलाफ शिकायतें आने पर कई बार उन्हें हटाना भी पड़ता है।
अतिरिक्त ड्यूटी से कर्मचारियों पर बढ़ रहा भार
परिचालकों की कमी के कारण कुछ रूटों पर कर्मचारियों को अतिरिक्त ड्यूटी करनी पड़ रही है। रात्रि ठहराव वाले ग्रामीण रूटों पर भी लंबे समय तक ड्यूटी करनी पड़ती है। कर्मचारियों का कहना है कि इससे काम का दबाव बढ़ रहा है। डिपो में लीज और रोडवेज की कुल 172 बसें विभिन्न रूटों पर संचालित हैं।
यात्रियों को करना पड़ रहा इंतजार
यात्री राजेंद्र सिंह, मनजीत सिंह और राजेश ने बताया कि परिचालक उपलब्ध नहीं होने पर कई बार बसों के फेरे रद्द या सीमित हो जाते हैं। इससे यात्रियों को स्टॉप पर लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है। ग्रामीण क्षेत्रों में इसका असर अधिक रहता है।
भर्ती के लिए मुख्यालय भेजा प्रस्ताव
कर्मचारी संदीप व कृष्ण और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने रिक्त पद भरने की मांग की है। डिपो की ओर से रिक्त पदों को भरने का प्रस्ताव मुख्यालय भेजा जा चुका है। विभागीय स्तर पर सीईटी परीक्षा के बाद परिचालकों की नई भर्ती होने की उम्मीद जताई जा रही है।
मुख्यालय को कर्मचारियों की कमी के बारे में अवगत कराया गया है। जल्द ही नए परिचालकों की भर्ती होने की उम्मीद है। यात्रियों को परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
-विपुल कुमार, टीएम