कैथल। ओलंपिक पदक विजेता पहलवान योगेश्वर दत्त ने कहा कि वे बतौर डीएसपी न तो अभी किसी पार्टी का प्रचार कर सकते और न ही कर रहे हैं। हां यदि चुनाव लड़ना होता तो निर्दलीय भी लड़ सकते हैं। किसी पार्टी से टिकट की जरूरत नहीं हैं। जिस क्षेत्र से हूं, वहां लोग खूब प्रेम करते हैं। लेकिन अभी चुनाव लड़ने जैसा कोई विचार नहीं हैं। योगेश्वर दत्त सोमवार को कैथल मीडिया सेंटर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उनके सवालों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने खुलासा किया कि सोनीपत सीट के लिए सीएम से बात हुई थी, कुछ बातों पर सहमति न बनने के कारण यह बात सिरे नहीं चढ़ी। खिलाड़ियों के हकों के लिए वे क्रीड़ा भारती के माध्यम से समस्याएं उठा रहे हैं। क्रीड़ा भारती ने उन्हें हरियाणा व हिमाचल में काम की जिम्मेदारी दी है। यह अच्छा प्रयास है। उन्होंने कहा कि उनके पास अभी 200 से 250 युवा कुश्ती सीख रहे हैं। उनका प्रयास है कि जो संघर्ष उन्होंने किया, वह आगे नए खिलाड़ियों को न करना पड़े। क्योंकि आज के समय कुछ जिलों से ही खिलाड़ी निकलते हैं। रोहतक, सोनीपत, झज्जर व हिसार । उनका प्रयास है कि परे प्रदेश से खिलाड़ी निकलें। खेलों में भाई भतीजावाद के प्रश्न पर उन्होंने कहा कि टीम खेलों में सिफारिश चलती हैं। जो बंद होनी चाहिए। खिलाड़ियों की सुविधाओं के सवाल पर उन्होंने कहा कि खेल नीति 100 प्रतिशत तक लागू नहीं हो पाती। जमीनी स्तर पर काफी कमियां हैं। गांव व देहात में ज्यादा सुविधाएं दी जानी चाहिए। बॉक्सर मनोज के हक में बोलते हुए उन्होंने कहा कि कैथल के बॉक्सर मनोज का हक बनता है, उसे डीएसपी बनाया जाना चाहिए। इस मौके पर क्रीड़ा भारती संस्था के जिलाध्यक्ष सुरेश गर्ग नौच, राज रमन दीक्षित, चेतन सिंह सहित अन्य मौजूद रहे।