चिप गड़बड़ी मामले में शुगर मिल पहुंची स्टेट विजिलेंस की टीम
इंस्पेक्टर के नेतृत्व में टीम सदस्यों ने की सभी पक्षों से पूछताछ
भारतीय किसान संघ सहित शुगर मिल अधिकारियों, मापतौल विभाग के अधिकारियों से ली जानकारी
किसान संघ ने लगाए हैं चिप में गड़बड़ी के आरोप, शुगर मिल से निकलने वाले सामान में भारी धांधली की आशंका
बगास में सामने आ चुकी है 500 क्विंटल की गड़बड़ी, टीम के सामने भिड़े कर्मचारियों के गुट
फोटो संख्या-3 से 5
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। शुगर मिल में चिप घोटाले के मामले में मंगलवार को स्टेट विजिलेंस की टीम ने मिल में पहुंच कर जांच शुरू की। टीम ने मिल परिसर में उस धर्मकांटे का निरीक्षण किया, जिसमें चिप लगी हुई मिली थी। साथ ही शिकायतकर्ता किसान संघ व मिल कर्मचारियों से पूरे मामले में पूछताछ की। टीम के सामने ही कर्मचारियों के दो गुट भिड़ पड़े। मुश्किल से दोनों गुटों को शांत करवाया जा सका। टीम में शामिल अधिकारियों ने कहा कि पहले दिन प्रारंभिक पूछताछ की है, यह जांच लंबी चलेगी।
यह है चिप गड़बड़ी मामला : शुगर मिल के धर्मकांटे में चिप लगी हुई मिली थी। जिसमें पुलिस ने 28 अक्तूबर 2018 को एफआईआर दर्ज की थी। इसके बाद किसान संघ ने जांच की मांग को लेकर धरना भी दिया था। पहले मामले की जांच तितरम पुलिस द्वारा की गई। इसके बाद दो डीएसपी स्तर के अधिकारियों द्वारा जांच की गई। साथ ही मिल डायरेक्टर्स की टीम ने भी जांच की थी और 500 क्विंटल बगास की गड़बड़ी निकली थी। लेकिन अभी तक शीरे व अन्य उत्पादों की जांच नहीं हो पाई। इसके बाद मामले की जांच स्टेट विजिलेंस को सौंप दी गई। जिसमें अब विजिलेंस ने जांच शुरू की है।
सुबह करीब 11 बजे विजिलेंस इंस्पेक्टर भूपेंद्र सिंह दो अन्य कर्मचारियों के साथ मिल परिसर में पहुंचे। जहां उन्होंने मिल के कर्मचारियों, अधिकारियों से प्रारंभिक पूछताछ की। साथ ही धर्मकांटे का दौरा किया। इसी बीच मिल कर्मचारी आपस में भिड़ पड़े। कर्मचारी एसोसिएशन की ओर से सुरेश कुमार इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे थे। वहीं एक अधिकारी द्वारा सफाई दी गई कि मिल से निकली बगास का वजन नमी के कारण बढ़ा है। जिसका कर्मचारियों ने विरोध शुरू कर दिया। काफी देर तक हंगामा होता रहा। बाद में सुरक्षा कर्मियों ने कर्मचारियों को वहां से अलग कर दिया और एक-एक करके विजिलेंस टीम ने मामले की जानकारी जुटाई। शिकायतकर्ता किसान संघ के रणबीर फरल, गुल्तान नैना, सतीश कुमार, बिक्रम क्योड़क, सुरेश, जगदीश सिंह, पाला राम, दयाल सिंह मलिक, सूरजभान सहित अन्य ने कहा कि इस मामले में अज्ञात के खिलाफ केस पूरे विवाद को दबाने के लिए दर्ज करवाया गया। जबकि किसान संघ की शिकायत पर एफआईआर होनी चाहिए थी। अभी भी इस मामले को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। उनकी सरकार से मांग है कि मिल घाटे में नहीं बल्कि मिल में घोटाला किया जा रहा है। अपनी भ्रष्टाचार की जीरो टोलरेंस नीति के तहत निष्पक्ष जांच करवाई जाए। कर्मचारी एसोसिएशन के प्रधान सुरेश कुमार ने कहा कि टीम को ब्यान दर्ज करवा दिए गए हैं, निष्पक्ष जांच की मांग की गई है।
विजिलेंस इंस्पेक्टर भूपेंद्र सिंह ने कहा कि अभी मामले की जांच शुरू हुई है। प्रारंभिक पूछताछ की गई है। रिकॉर्ड खंगाला है। जांच पूरी होने के बाद ही कुछ बताया जा सकेगा। अभी जांच आगे जारी रहेगी।
डीसी डॉ. प्रियंका सोनी ने कहा कि टीम ने दौरा किया है। उन्हें अभी कोई रिपोर्ट नहीं मिली है। विजिलेंस द्वारा ऐसी रिपोर्ट दी भी नहीं जाती।