बेटियों को दो लाख रुपये देने के नाम पर फर्जीवाड़ा, सैकड़ों लोगों को लगाया चूना
कलायत। कलायत व आसपास के गांवों के सैकड़ों लोगों को प्रधानमंत्री बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के तहत 2 लाख रुपये जमा करने के नाम पर फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। शातिर लोगों ने इसके लिए फार्म भी छापकर भरवाए जिनके लिए 30 से 100 रुपये तक की वसूली की गई। फार्म बेचने वालों ने इसे केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय दिल्ली रजिस्ट्री से भेजने को कहा। शुक्रवार सुबह बड़ी संख्या में लोग फार्मों की रजिस्ट्री करवाने के लिए कलायत के डाकघर में पहुंचे तो पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। भारी संख्या में जमा हुए लोगों ने उस समय हंगामा खड़ा कर दिया, जब डाकघर मेें इन फार्मों को स्वीकार करने से इंकार कर दिया गया। सुबह साढ़े दस बजे तक शहर के मुख्य डाकघर में फार्म भरने वालों की इतनी भीड़ लगी कि डाकपाल द्वारा पुलिस को सूचित करने का हवाला देने पर लोगों की भीड़ कम हुई।
डाकपाल महावीर ने सीडीपीओ और डीसी कार्यालय को इस बारे जानकारी दी कि अफवाह के बाद भी लोग रजिस्ट्री करवाने पर अड़े हैं। पता चला है कि इसी बीच कलायत के अलावा अलग-अलग गांवों के सैकड़ों लोग केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय दिल्ली के नाम से रजिस्ट्री करवा चुके हैं।
यह है असल योजना : हरियाणा के मुख्यमंत्री ने 8 मार्च 2015 को आपकी बेटी-हमारी बेटी नामक योजना शुरू करने का एलान किया था। योजना में 21 जनवरी 2015 के बाद बीपीएल व अनुसूचित जाति के परिवारों में जन्म लेने वाली पहली बेटी पर ही लाभ दिया जाता है और अन्य जातियों के परिवारों को दूसरी बेटी के जन्म पर योजना का लाभ दिया जाता है। 21 हजार रुपये का विभाग द्वारा बीमा कराया जाता है और लड़की की आयु 18 वर्ष पूरी होने के बाद रकम उसके खाते में चली जाती है।
एसडीएम अनिल नागर ने कहा कि जिस किसी ने यह फर्जीवाड़ा किया है उसे बख्शा नहीं जाएगा। जो व्यक्ति इस तरह के फार्म भरवा रहे हैं उसके खिलाफ शिकायत दें ताकि उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सके।