केंद्र सरकार का रबी की फसलों के रेट घोषित करना किसानों के साथ भद्दा मजाक
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अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। भारतीय किसान यूनियन की एक बैठक गांव दिल्लोवाली में हुई। प्रदेश कोषाध्यक्ष सतपाल दिल्लोवाली ने बताया कि केंद्र सरकार ने रबी की फसलों के रेट घोषित किए है। ये किसानों के साथ भद्दा मजाक किया है। आज डीजल, डीएपी खाद, दवाईयों आदि के मूल्य आसमान को छू रहे हैं। किसानों को 105 रूपये गेंहू , चना 220 रूपये अन्य रेट देने से भला नहीं होने वाला नहीं है। भाजपा ने चुनाव के समय डा स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट को लागू करने का वायदा किया था, लेकिन आज तक पूरा नही किया गया। जिससे हिंदुस्तान के किसान नाराज है। जो धान पिछले साल 3000 हजार से 3200 रूपये बिक्री आज उसे 1900 से 2200 रूपये तक खरीदा जा रहा है। जबकि मंहगाई दुगुन्नी हो गई है। प्रधानमंत्री मोदी कहते है कि किसानों की आमदन 2022 तक दुगुन्नी करेंगें अगर यही हालात रहे तो किसानों की आत्महत्या दुगुनी जरूर हो जाएगी। हरियाणा सरकार ने अभी तक पीआर धान की खरीद शुरू नहीं की। जिस कारण किसानों की फसल की तीन सौ रूपए तक कम खरीद रहे हैं। जिससे किसानों को लगभग 9 हजार से 12 हजार रूपए तक प्रति एकड़ घाटा हो रहा है। सभी मंडियों में एक अक्तूबर से बोली होनी थी, अगर शुक्रवार को बोली शुरू नहीं की तो भाकियू सड़कों पर उतर जाएगी। किसान अपनी मांगों को लेकर हरिद्वार से दिल्ली किसान घाट तक पैदल चले, लेकिन केंद्र सरकार ने किसानों पर आसूं गैस, पानी की बौछार करके किसानों विरोधी होने का परिचय दिया। इस मौके पर सतपाल दिल्लोवाली, नरेंद्र, गजे सिंह, रामनिवास, सेवा राम, कारी मौजूद रहे।