कुछ राजनैतिक लोग छवि धूमिल करने के लिए लगा रहे बेतुके आरोप : बलकार आर्य
मुख्यमंत्री के गोद लिए गांव क्योड़क में विकास कार्यों में धांधली के आरोप का मामला
सरपंच बोले, पिछली पंचायत में सालाना आय थी 10 लाख रुपये, अब 50 लाख से भी हुई अधिक
फोटो नंबर-08
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। सीएम के गोद लिए गांव क्योड़क के सरपंच ने अपने ऊपर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों का बुधवार को जवाब दिया और मीडियाकर्मियों को बुलाकर गांव की गलियों में ले जाकर विकास कार्य दिखाए। साथ ही कहा कि जिन कार्यों में भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए हैं, उनमें कइयों में काम ही नहीं हुआ। उनकी छवि धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है। यह राजनीतिक षड्यंत्र है। पिछली पंचायत के कार्यकाल में पंचायत की आमदनी 10 लाख थी, जो अब बढ़कर 50 लाख हो चुकी है।
विदित रहे कि क्योड़क के 20 में से 10 पंचायत सदस्यों ने सरपंच पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए डीसी को इस्तीफा भेजकर पद छोड़ने का एलान किया था। इन्होंने विकास कार्यों में करीब एक करोड़ 20 लाख रुपये की धांधली सहित कई अन्य आरोप लगाए थे। इन आरोपों पर बुधवार को गांव में 12 पंचों के साथ अपना स्पष्टीकरण दिया है। सरपंच बलकार आर्य ने कहा कि जो पार्षद उन पर आरोप लगा रहे है उन्हें एक राजनैतिक व्यक्ति द्वारा अपनी राजनीति चमकाने के मकसद से उन्हें बहका कर उसके खिलाफ कर दिया है। वह व्यक्ति मेरी छवि धूमिल करने में लगा है। उनके साथ एक पंचायत सदस्या संतोष का नाम लिख लिया गया, जबकि वह उनके साथ है। सरपंच ने कहा कि वे गांव के विकास के लिए सेवा का कार्य कर रहा है। इसी का नतीजा है कि पिछले प्लान में पंचायत की सालाना आय 10 लाख रुपये से बढ़कर 50 लाख रुपये से भी अधिक हो गई है। जो आरोप पार्षदों द्वारा उन पर लगाए जा रहे हैं उनका कोई आधार ही नहीं है, क्योंकि जब भी गांव की पंचायत की कोई आम बैठक या ग्राम सभा की बैठक हुई है तो वे सभी पार्षदों की रजामंदी से हुई है। हर बैठक से पहले एक एजेंडा तैयार किया जाता है, जिस पर सभी पार्षदों के सबूत के तौर पर हस्ताक्षर भी हैं। पार्षदों द्वारा जो दूसरा आरोप आंगनबाड़ी में 7 लाख रुपये के भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। इस आंगनबाड़ी केंद्र में न पंचायत और न सरकार किसी की ओर से कोई बजट नहीं आया है तो वह लगेगा कहां से। सरपंच ने कहा कि उनकी टर्म शुरू होने से लेकर अब तक जितने भी गांव में विकास कार्य हुए है, उन सभी का रिकार्ड मेरे पास है। यदि फिर भी किसी पार्षद को मेरे ऊपर शक है तो वे इसकी जांच करवा सकता है। यदि वह दोषी पाया जाता हैं तो उनकी पूरी जिम्मेदारी है। लेकिन कुछ लोग पार्षदों को बहकाकर अपनी राजनीति के लिए गांव के भाईचारा और सद्भावना को खराब करने की कोशिश कर रह है। सरपंच ने कहा कि सेठपाल नामक व्यक्ति अपनी राजनीति के लिए पार्षदों को अपने साथ ले गए थे। इनमें से नरेश व विनोद पार्षद प्रतिनिधि भी शामिल है।
ये पार्षद रहे सरपंच के साथ मौजूद : सरपंच के समर्थन में पार्षद संतोष 02 वार्ड, मुकेश 04, 05 वार्ड से संदीप, 06 वार्ड रेणू, कर्ण सिंह 08 वार्ड, अनिता 09 वार्ड, वार्ड 11 से राजेश, नरेश वार्ड 12, राजकुमार 15 वार्ड, मुकेश देवी 16 वार्ड व हुक्म सिंह 17 वार्ड, मौजूद रहे।
सेठपाल ने दिया जवाब : दूसरी ओर 10 पंचों के साथ सरपंच की शिकायत करने वाले सेठपाल क्योड़क ने कहा है कि जिन दो रिपोर्टों में सरपंच को दोषी पाया गया है। वह किसी विपक्षी द्वारा तैयार नहीं किया गया है, वो सरकारी विभाग के अधिकारियों की रिपोर्ट है। उसने जितने भी शिकायतें की हैं, केवल एक पर जांच हुई है और उसमें सरपंच दोषी मिले हैं। बाकी शिकायतों को राजनीतिक पैठ एवं पैसों के बल पर दबा दिया गया है। सरपंच के पास सिवाय दूसरों को राजनीतिक से प्रेरित कहने के अलावा स्वयं को निर्दोष साबित करने के लिए कुछ नहीं है। सरपंच ने एक गली में ब्लॉक कम लगाए थे और बिल ज्यादा के पास करवा लिए। आरटीआई में यह भ्रष्टाचार पकड़ा गया तो सरपंच ने स्वयं मुझसे माफी मांगी थी और लिखित में दिया था कि वह इस गली को 3/4 माह में पूरा करवा देंगे, लेकिन एक वर्ष बीतने के बावजूद वह गली आज भी ज्यों की त्यों है। वे डीसी के बुलाने पर नहीं जाएंगे। जांच रिपोर्ट पर अगर डीसी ने जल्द कार्रवाई नहीं की तो वे पंच व ग्रामीणों के साथ मुख्यमंत्री आवास के सामने धरने पर बैठेंगे।