अमर उजाला ब्यूरो
कलायत। ग्रामीण विकास को लेकर फरवरी के बाद ब्लॉक समिति सदस्यों की बैठक नहीं हो पाई। ब्लाक समिति के उपप्रधान आनंद वर्मा ने समिति प्रधान की विवादास्पद कार्यप्रणाली पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि प्रधान द्वारा किए गए अनियमित कार्यों के कारण ही ब्लाक समिति के कुल 22 सदस्यों में से बैठक में केवल 8 सदस्य ही शामिल हुए। यह प्रधान की कार्यप्रणाली पर प्रश्न चिन्ह लगाता है। उन्होंने किसी ब्लॉक समिति सदस्य को मीटिंग में जाने से नहीं रोका। उन्होंने आरोप लगाया कि समिति प्रधान के कारण ढाई वर्षों में उनके क्षेत्र में कोई विकास कार्य नहीं हुए। समिति प्रधान ने केवल भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया जिसका खुलासा पहले एसडीएम व तहसीलदार की जांच में हो चुका है। ग्रामीण विकास को लेकर ब्लाक समिति सदस्यों की हर माह या दो माह में बैठक जरूर ली जानी आवश्यक है। लेकिन 6 माह से कोई मीटिंग नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि जल्द ही समिति सदस्य उपायुक्त कैथल से सारी स्थिति बारे अवगत करवाएंगे। उन्होंने सरकार से समिति प्रधान के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की भी मांग की है।
वहीं बीडीपीओ रोजी ने बताया कि ग्रामीण विकास को लेकर वीरवार को सभी ब्लाक समिति सदस्यों की मीटिंग को लेकर सूचना दी गई थी। लेकिन बैठक में कुल 22 ब्लाक समिति सदस्यों में से प्रधान सहित 8 सदस्य मीटिंग में मौजूद रहे तथा कोरम पूरा न होने के कारण बैठक स्थगित कर दी गई। अगली मीटिंग के लिए विभागीय अधिकारियों से विचार विमर्श किया जाएगा।
ब्लाक समिति प्रधान परमवीर रामगढ़ ने कहा कि कुछ समिति सदस्यों द्वारा उन्हें पद से हटाने की साजिश रची जा रही है। साजिश के तहत ही अनाप शनाप आरोप लगाए जा रहे हैं। कुछ समय से मीटिंग में देरी का कारण बीच में अविश्वास प्रस्ताव रहा। ब्लाक समिति सदस्यों से विचार विमर्श कर ग्रामीण क्षेत्र में समान रूप से विकास कार्य करवाए जा रहे हैं। जल्द ही सभी ब्लाक समिति सदस्यों से संपर्क कर सदस्यों की बैठक बुलाई जाएगी।
कोरम पूरा न होने पर ब्लाक समिति सदस्यों की बैठक दोबारा स्थगित
उपप्रधान व समिति सदस्यों ने प्रधान की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
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