सफलता की 12 सीढियां चढ़ीं, अब विद्यार्थी तलाश रहे भविष्य बनाने के रास्ते
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अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। केंद्रीय विद्यालय शिक्षा बोर्ड और हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड द्वारा 12वीं कक्षा के परीक्षा परिणाम घोषित किए जाने के बाद अब अधिकतर विद्यार्थियों को अपनी भविष्य की योजनाओं को लेकर चिंता है। जिस पर उन्होंने अब तैयारी करना भी शुरू कर दिया है। परिणाम घोषित होने के बाद एक ओर जहां विद्यार्थियों ने सफलता की 12 सीढ़ियां चढ़ ली हैं, वहीं अब उनकी निगाहें भविष्य बनाने के लिए मंजिल की ओर कदम बढ़ाने पर निगाहें अटकी हुई है। चंद दिनों में कालेजों तथा अन्य शिक्षण संस्थाओं में आवेदन प्रक्रिया शुरू भी हो जाएंगी, इसकेलिए विद्यार्थी आवश्यक तैयारी कर रहे हैं। हालांकि इस दौरान कुछ विद्यार्थियों ने ग्रीष्मकालीन छुट्टियों का फायदा उठाने के लिए किसी पर्यटन स्थल पर घूमने की योजना भी बनाई है।
मेडिकल और इंजीनियरिंग की ओर बढ़ा रुझान
12वीं कक्षा उत्तीर्ण करने के बाद विशेषकर साइंस स्ट्रीम वाले अधिकतर विद्याथयों का रुझान मेडिकल व इंजीनियरिंग के क्षेत्र में अपना करियर बनाने का हुआ है। ओएसडीएवी स्कूल की छात्रा अंशिका ने कहा कि वह कंप्यूटर साइंस से इंजीनियरिंग करना चाहती हैं।
सीए बनने को भी दी जा रही प्राथमिकता
कामर्स संकाय से 12वीं की परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले अधिकतर मेधावी छात्र सीए के रूप में करियर बनाने को प्राथमिकता दे रहे हैं। हालांकि कुछ छात्र बिजनेसमैन बनना चाहते हैं, जबकि कुछ बैंकिंग के क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहते हैं।
12वीं की परीक्षा में 98.4 प्रतिशत अंक लेकर जिले में अव्वल रही जाखौली अड्डा स्कूल की छात्रा मोनिका जिंदल ने बताया कि सीए बनना चाहता है। इसके लिए वह कोचिंग भी ले रही हैं।
सिविल सेवा को भी बनाया ध्येय
जहां कुुछ विद्यार्थी मेडिकल, इंजीनियरिंग अथवा सीए के रूप में अपना करियर बनाना चाहते हैं, वहीं कुछ मेधावी व प्रतिभाशाली बच्चे ऐसे भी हैं जिनका ध्येय उच्च शिक्षा हासिल कर सिविल सर्विस की परीक्षा उत्तीर्ण कर आईएएस या आईपीएस अधिकारी के रूप में अपनी पहचान बनाना हैं। सैनिक स्कूल के छात्र अभिषेक ने कहा कि उसका लक्ष्य आईएएस की परीक्षा उत्तीर्ण कर सिविल सर्विसेज में अपनी सेवाएं देना है। सौंगल के राजकीय कन्या स्कूल की छात्रा अन्नू की छात्रा ने बताया कि वह उच्च शिक्षा हासिल कर आईएएस करना चाहती हैं।
प्रोफेशनल कॉलेजों में मिशन एडमिशन पर रहेगा फोकस
सीबीएसई तथा हरियाणा शिक्षा बोर्ड द्वारा 12वीं कक्षा का परिणाम घोषित होने के बाद अब अधिकतर विद्यार्थियों का प्रोफेशनल कालेजों में एडमिशन लेने को लेकर फोकस रहेगा। जिले के विभिन्न कालेजों में इस समय लगभग 10 हजार सीटें हैं जबकि करीब 15 हजार विद्यार्थियों ने 12वीं कक्षा उत्तीर्ण की है। इनमें सीबीएसई बोर्ड से 7200 विद्यार्थियों ने तथा हरियाणा शिक्षा बोर्ड से 12 हजार विद्यार्थियों ने 12वीं कक्षा की परीक्षा उत्तीर्ण की है। जिले के राजकीय कालेज में करीब 1100 सीटें हैं, जबकि निजी कालेजों में मात्र सात हजार सीटें हैं।
मेडिकल और इंजीनियरिंग के क्षेत्र में विद्यार्थियों के लिए अपार संभावनाएं हैं। इसके लिए लगभग हर शहर व आसपास के क्षेत्र में सरकारी अथवा निजी शिक्षण संस्थान खुले हुए हैं। विद्यार्थी उच्चत्तर शिक्षा हासिल कर सिविल सेवा के क्षेत्र अथवा लेक्चरर, प्रोफेसर आदि शैक्षिक वर्ग में अपना करियर बना सकते है। इसके अलावा बैंकिंग, फार्मेसी, नर्सिंग, एएनएम/जीएनएम सहित विभिन्न संस्थानों में अपना करियर बना सकते हैं।
1 जून से शुरू होगी ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया:-
कालेजों व अन्य शिक्षण संस्थानों में इस बार ऑनलाइन आवेदन स्वीकार किए जाएंगे। विभिन्न सरकारी, एडिड अथवा निजी कालेजों में एक जून से ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी, जो 20 जून तक चलेगी।
क्या कहता है शिक्षक वर्ग
12वीं कक्षा का परिणाम आने के बाद अब विद्यार्थियों को समय व्यर्थ नहीं गंवाना चाहिए बल्कि समय का सदुपयोग करें। अगली कक्षा में प्रवेश तक खाली समय में संबंधित विषयों पर अपनी पकड़ बरकरार रखे और अपने लक्ष्य पर ध्यान देना चाहिए।
मोनिका कौशिक, प्राचार्या, हिदू स्कूल।
जरनल नॉलेज की पुस्तकों का करें अध्ययन : वरुण जैन
उच्च शिक्षा हासिल कर आईएएस बनने के लिए जरूरी है कि अभी से सामान्य ज्ञान अध्ययन पर अपना पूरा ध्यान दें। इसके साथ-साथ विषय विशेष पर भी पकड़ जरूरी है। उच्च शिक्षा के साथ-साथ उन सभी पहलुओं पर फोकस होना जरूरी है। इससे विद्यार्थी में आईएएस अधिकारी बनने के गुण पैदा हो सके।
वरुण जैन, राज्य महासचिव प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन।
योजनाओं को अमल में लाना जरूरी : चौधरी
जीवन में सफलता हासिल करने के लिए योजनाओं को अमल में लाना जरूरी है। विद्यार्थी को अपना प्रत्येक कार्य समय पर करना चाहिए। जरूरत पड़े तो टाइम-टेबल बना लें। सफलता की सीढ़ियों पर चढ़ने के लिए कड़ी मेहनत व लग्न करनी होगी।
रामलाल शर्मा, प्राचार्या, राजकीय कन्या स्कूल।