पार्षद के बदले पहुंचा प्रतिनिधि, नोक-झोंक के बाद पुलिस की सहायता लेकर निकाला जिला परिषद की बैठक से बाहर
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। यहां मंगलवार को जिला परिषद भवन में हुई जिला पार्षदों की बैठक में भाग लेने पहुंचे वार्ड नंबर 2 से पार्षद अंजू जागलान के प्रतिनिधि संजय जागलान को तीखी नोक-झोंक के बाद बाहर निकाल दिया गया। पार्षद प्रतिनिधि अपनी बात रख रहे थे। इस दौरान उनकी बहस हो गई और अध्यक्ष के आदेश से पुलिस ने प्रतिनिधि को बाहर निकाल दिया। बैठक में 17 करोड़ रुपये का बजट पारित किया गया। कई विभागों के अधिकारियों के ना पहुंचने के कारण पार्षदों की समस्याओं का समाधान नहीं हो पाया। कुछ पार्षदों ने पिछली बैठकों में रखी गई समस्याओं पर काम ना होने पर बैठक के एजेंडे को चाय-पकौड़े तक सीमित रहने की बात तक कही।
बैठक का समय सुबह 11 बजे था। इससे पहले ही पार्षद अंजू जागलान को छोडक़र सभी पार्षद 10.45 बजे पहुंच गए। साथ ही अधिकारी भी पहुंचे। करीब 11.30 बजे बैठक शुरू हुई। बैठक की कार्रवाई शुरू होते ही वार्ड नंबर दो के पार्षद प्रतिनिधि संजय जागलन अपनी समस्या को बताने के लिए अपनी सीट से उठ खड़े हुए। जागलान जब समस्या को बताने लगे तो चैयरमेन ने कहा, आपको बोलने का कोई अधिकार नहीं है। आप बोल नहीं सकते आप अपनी समस्या को लिखित में दें। उनका समाधान कर दिया जाएगा। इस पर पार्षद प्रतिनिधि ने चेयरमैन के साथ बहस शुरू कर दी। जिस पर वार्ड नंबर 17 के पार्षद रवि तारावांली ने कहा कि आप बैठक में बेवजह खलल क्यों डाल रहे हैं। इस पर प्रतिनिधि ने कहा आप कौन होते हैं बीच में बोलने वाले? आपको भी बीच में बोलने का कोई अधिकार नहीं है। इसके बाद सीईओ संयम गर्ग के आग्रह पर किसी तरह मामला शांत हो गया।
इसके बाद पार्षदों ने अपनी-अपनी समस्याएं गिनवानी शुरू कर दीं। जिसमें पेयजल, सडक़ों की मरम्मत, गांवों में काला पीलिया की बीमारी, पेंशन की समस्या, बेरोजगारी भत्ता न मिलने तालाबों की सफाई जैसी अन्य समस्याएं रखीं। वार्ड 6 की पार्षद शकुंतला वजीरखेड़ा ने बेरोजगारी भत्ता, बबली चंदाना ने स्कूलों में पानी की समस्या, मौसिया ने पीएससी पाड़ला में सफाई कर्मचारी की समस्या रखी। वाइस चेयरमैन मुनीष कठवाड़ ने बची हुई ग्रांट की जानकारी मांगी, पार्षद रेनू सैनी ने स्कूल अपग्रेडेशन की समस्या, रवि तारांवाली ने पेंशन व काला पीलिया, मास्टर रति राम ने पानी की पाइपलाइन, जगह-जगह शराब के ठेकों की समस्या रखी।
बैठक में 17 करोड़ के कार्यों के प्रस्ताव हुए पारित
करीब डेढ़ घंटे तक चली बैठक में सभी पार्षदों की सहमति से पिछली बैठक की कार्रवाई पारित करने, विकास कार्यों पर विचार-विमर्श, मनरेगा स्कीम का बजट पास करने, राज्य वित्त आयोग व वैट से प्राप्त राशि के आबंटन, कार्यालय में सामान व उपकरणों की रिपेयर व खरीद व अन्य मुद्दों सहित कुल 7 एजेंडे पास किए गए। साथ ही 17 करोड़ रुपये का बजट पारित किया गया। इनमें से 13 करोड़ 40 लाख रुपये के गांवो के विकास कार्य हैं। इसमें से 4 करोड़ 35 लाख 93 हजार रुपये का बजट जिला परिषद को मिल चुका है।
कई विभागों के अधिकारी नहीं पहुंचे बैठक में तो पार्षद बोले, बैठक में काम होते नहीं, चाय-कचौरी तक सीमित हो जाती है बैठक
पार्षद रेनू सैणी ने पानी की समस्या बताई तो गुहला डिवीजन का एसडीओ ही नहीं थे। इसी प्रकार से वार्ड नंबर 18 के पार्षद द्वारा खुर्दों की समस्या पर कोई भी आबकारी अधिकारी नहीं था। जिस कारण पार्षद को इन समस्याओं पर कोई समाधान नहीं निकल पाया। इस पर एक पार्षद ने कहा कि पिछली बैठकों में रखी समस्याओं का समाधान नहीं होता। बैठक चाय-कचौरी तक सीमित होकर रह जाती है।
पार्षद बोलीं मैडम मेरे घर की गली भी बनवा दो
पार्षद बबली चंदाना ने चेयरमैन को अपनी समस्या बताते हुए कहा कि मैडम मेरे घर की गली भी बनवा दो, इसे कौन बनवाएगा। इस पर चेयरमैन ने कहा कि अभी तो मेरे घर की गली भी कच्ची है। दोनों का एक साथ बजट पास करवाएंगे।
जिला परिषद की अध्यक्षा सुखविंद्र कौर ने कहा कि बैठक में सभी एजेंडे पास हो गए हैं। काम ना होने जैसी कोई बात नहीं है। जो पार्षद शिकायत देते हैं, उसे संबंधित विभाग को भेज दिया जाता है। वहां से जो जवाब आता है, उस बारे में पार्षद को अवगत करवा दिया जाता है।