गमगीन माहौल में किया शव का अंतिम संस्कार
अमर उजाला ब्यूरो
राजौंद। गांव तारागढ़ निवासी विकास का शव मलेशिया से जैसे ही सोमवार को गांव में पहुंचा तो पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ पड़ी। युवक के परिजनों का रो रोकर बुरा हाल था। सुबह साढ़े सात बजे विकास का दाह संस्कार कर दिया गया। विकास की मलेशिया में 2 दिसंबर को हत्या कर दी गई थी। उनके शव को लाने के लिए पिछले एक सप्ताह से लगातार परिजन मशक्कत कर रहे थे। 10 दिसंबर को रात नौ बजे दिल्ली एयरपोर्ट पर विकास का शव पहुंचा था। गांव से शव को लाने के लिए पहले ही परिजनों के साथ साथ एंबुलेंस दिल्ली के लिए भेजी गई थी। विकास का शव सोमवार सुबह जैसे ही गांव में पहुंचा तो परिजनों का शव को देखकर बुरा हाल हो गया। लोग परिजनों को सांत्वना दे रहे थे।
विदित रहे कि गत 2 दिसंबर को विकास की मलेशिया में एक फैक्ट्री के बाहर हत्या कर दी गई थी। इसके बाद से परिजन उसके शव को भारत लाए जाने के लिए प्रयासरत थे। रविवार देर रात्रि शव दिल्ली पहुंच गया था। सुबह जल्दी ही गांव में पहुंचने पर विकास के शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। विकास के पिता के पास काफी कम जमीन है। उसका छोटा भाई ग्यारहवीं कक्षा में है तो बहन की शादी हो चुकी है। मां गृहिणी है। वह परिवार के उज्ज्वल भविष्य के लिए मलेशिया गया था। लेकिन मलेशिया से 11 माह बाद उसका शव गांव में पहुंचा तो ना केवल परिजनों बल्कि गांव के लोगों का कलेजा भर आया। लोगों में इस बात का गम था कि विकास गया तो परिवार के भविष्य के लिए था, लेकिन वहां कुछ और ही नसीब में था।
-मलेशिया में हुए युवक की हत्या का मामला
फोटो संया-11