पंचकुला ना जाओ पिता जी...
- डेरा प्रेमियों ने रोके रखा आधे घंटे तक डेरा प्रमुख राम रहीम का काफिला
कमांडो व सुरक्षा कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद हटाया डेरे के प्रवेश द्वार से
समर्थकों से 20 मिनट तक जूझते रहे कमांडो व सुरक्षा कर्मी
55 मिनट कैथल डेरे में रुका बाबा राम रहीम का काफिला
नसीब सैनी
कैथल।
पंचकूला में पेशी पर जाते समय डेरा प्रमुख संत राम रहीम का करीब 300 से अधिक गाड़ियों का काफिला जींद रोड बाईपास स्थित कैथल डेरे में 55 मिनट तक रुका रहा। डेरा समर्थक काफिले की गाड़ियों के आगे लेट गए। करीब आधे घंटे तक डेरा प्रेमियों ने काफिले को रोके रखा। बाद में कमांडो व सुरक्षा कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद समर्थकों को प्रवेश द्वार से उठाकर हटाया, तब जाकर काफिला कुरुक्षेत्र की ओर रवाना हुआ।
सुबह करीब 9 बजे सूचना आई थी कि डेरा प्रमुख कैथल से होकर गुजरेंगे। उसी समय कलायत के शिमला से लेकर कुरुक्षेत्र रोड तक पबनावा से आगे तक का पूरा रास्ता खाली करवा दिया गया। जगह-जगह समर्थक डेरा प्रमुख के दर्शन के लिए सड़क पर खड़े हो गए। वहीं पुलिस अधिकारी भी सड़क पर गश्त लगाते रहे। डेरा मुखी के काफिले ने शिमला से 10 बजकर 33 मिनट पर कैथल में प्रवेश किया। इसके बाद यह कलायत में 10 बजकर 35 पर पहुंचा। इसके बाद 10 बजकर 55 मिनट पर कैथल में जींद रोड स्थित डेरे पर पहुंचा। जहां डेरा मुखी के दर्शनों के लिए समर्थकों की भीड़ उमड़ी हुई थी। काफिले में शामिल करीब 300 से अधिक गाड़ियों में से 11 गाड़ियां डेरे के अंदर चली गईं। शेष बाहर राष्ट्रीय राजमार्ग पर खड़ी रहीं। डेरा प्रमुख की गाड़ियों के डेरे में जाने के करीब कुछ ही देर बाद एक समर्थक प्रवेश द्वार के आगे लेट गया। इसके बाद अन्य समर्थक यहां उमड़ पड़े और डेरा प्रमुख को पंचकूला जाने से रोकने के लिए जयकारे लगाते रहे।
द्वार पर लेटे रहे समर्थक, कमांडो व सुरक्षा कर्मियों ने हटाया
समर्थक प्रवेश द्वार पर लेट गए और जयकारे लगाते रहे। डेरामुखी को पंचकूला जाने से रोकने के लिए प्रेमियों ने नारेबाजी की। कई महिलाएं, पुरुष, युवतियां व बच्चे इस अवसर पर सुबकते बिलखते दिखाई दिए। करीब 55 मिनट बाद डेरे का गेट खुला और अंदर से आए सुरक्षा कर्मी समर्थकों से उठने की अपील करते रहे। डेरा प्रेमी नहीं हटे तो कमांडो व सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें बीच रास्ते से हटाया। इस दौरान काफी श्रद्धालु हाथ जोड़े खड़े रहे तो कई रोते नजर आए। डेरा प्रमुख का काफिला 11 बजकर 50 मिनट पर कैथल डेरे से रवाना हुआ।
महिलाओं ने गाड़ी पर सिर पटके
सुरक्षाकर्मियों ने मुश्किल से समर्थकों को सड़क से हटाया तो महिलाएं गाड़ी के आगे पहुंच गईं। कई महिलाएं गाड़ियों पर सिर पटकतीं रहीं। उन्हें समर्थकों ने मुश्किल से काबू किया। कई युवकों ने गाड़ी के नीचे घुसने का भी प्रयास किया। वहीं युवतियों ने भी डेरा मुखी के काफिले की गाड़ियों को रोकने का प्रयास किया। बाद में काफिला कुरुक्षेत्र की ओर रवाना हो गया। इस दौरान सड़क के दोनों ओर समर्थक हाथ जोड़े खड़े रहे।
दो बार अंदर गए अधिकारी
डेरा मुखी की कई गाड़ियों के डेरे के अंदर जाने के बाद आईजी सुभाष यादव, एसपी सूमेर प्रताप सिंह, एसपी तरुण सैनी सहित कई अधिकारी डेरे के अंदर गए। करीब आधे घंटे बाद वे बाहर निकले। इसके बाद फिर से डीएसपी तरुण सैनी अंदर गए। बाद में लगभग 10 मिनट बाद काफिले की गाड़ियां डेरे से बाहर निकलीं।
डेरा मुखी भवन में पहुंचा नाश्ता
काफिले की करीब दर्जन भर गाड़ियां अंदर लगाए गए टेंट में पहुंची। जिसमें किसी को भी डेरा मुखी नहीं दिख सके। इनमें यह पता नहीं चल पाया कि डेरा मुखी कौन सी गाड़ी में थे। यहां डेरा प्रमुख भवन (उनके ठहरने का स्थान) तक नाश्ता व अन्य सामान भी पहुंचा। लेकिन यह पता नहीं चल सका कि यह किसने खाया। इसके बाद काफिले की गाड़ियां बाहर निकलीं।
एक घंटे तक रुका काफिला
डेरा प्रमुख का काफिला करीब एक घंटे तक कैथल डेरे में रुका। यहां अंदर भवन तक कई गाड़ियां गईं। इस दौरान किसी को भी डेरा मुखी संत गुरमीत राम रहीम के दर्शन नहीं हो पाए। काफिला गुजरने के बाद लोग वापिस लौट गए।
स्टीकर लगी 300 से ज्यादा गाड़ियां
काफिले में लगभग 300 से ज्यादा गाड़ियां थीं। जिसमें स्टिकर लगाकर विशेष नंबर अलॉट किए गए थे। इनमें युवकों सहित डेरे के अधिकारी सवार थे। लगभग 385 से अधिक नंबर अलॉट किए हुए थे। वहीं काफिले में प्रशासन व सुरक्षा संबंधी अन्य गाड़ियां भी शामिल रहीं। डेरे के बाहर रास्ता पूरी तरह से अवरुद्ध रहा। लगभग एक घंटे तक यहां जाम लगा रहा। काफिले के निकल जाने के बाद प्रशासन ने राहत की सांस ली।