असंतुष्ट 14 पार्षद भाजपा के नहीं, समर्थन जरूर दिया था : कंबोज
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। नगर परिषद चेयरमैन के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के बीच खाद्य एवं आपूर्ति राज्यमंत्री कर्ण देव कंबोज के बयान से बवाल खड़ा हो गया है। उन्होंने असंतुष्ट 14 पार्षदों को भाजपा के पार्षद होने की बात से ही इंकार कर दिया। जबकि ये असंतुष्ट पार्षद खुद को भाजपा का समर्थित पार्षद बता रहे हैं। कंबोज के बयान से असंतुष्ट पार्षदों में अब और अधिक रोष बढ़ गया है।
भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता नरेश मित्तल के आवास पर पहुंचे राज्यमंत्री कर्णदेव कंबोज ने मीडिया से बातचीत में कहा कि भाजपा चेयरमैन के खिलाफ विपक्ष द्वारा षड्यंत्र रचा गया है। जो असंतुष्ट 14 पार्षद हैं। वे भाजपा के नहीं हैं। उन्होंने भाजपा को समर्थन जरूर दिया है। यदि उनके बीच कोई कम्यूनिकेशन गैप है तो उन्हें मनाने का प्रयास किया जा रहा है। पारदर्शी सरकार की नीतियों के चलते उम्मीद है कि वे आगे भी पार्टी को समर्थन जारी रखेंगे। चेयरमैन यशपाल प्रजापति उनसे मिले हैं।
वहीं खुद को भाजपाई बता रहे असंतुष्ट 14 पार्षदों में से एक ने कहा कि कई पार्षद ऐसे हैं, जिन्हें भाजपा ने चुनाव में समर्थन दिया था। कई लंबे समय से भाजपाई ही नहीं, संघ से भी जुड़े रहे हैं। यदि मंत्री जी की बात ही मान ली जाए तो भी इन गैर भाजपाई पार्षदों ने एक बार भाजपा का चेयरमैन बनवाकर पार्टी की लाज बचाई थी।
राव सुरेंद्र ने की सत्ता पक्ष के पार्षदों के साथ बैठक
भाजपा प्रत्याशी राव सुरेंद्र सिंह ने सत्तापक्ष के 14 पार्षदों के साथ बैठक की। पूरे मामले के हालात जानें। भाजपा नेता ने कहा कि वे असंतुष्ट पार्षदों से भी बात करेंगे। उम्मीद है कि मामले में शीघ्र हल निकल आएगा।
डीसी ने लिखा सभी 31 पार्षदों को पत्र : डीसी सुनीता वर्मा ने सभी 31 पार्षदों को अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए मिले शपथ पत्रों की जानकारी देने के लिए पत्र लिखा है। उन्हें बताया गया है कि चेयरमैन के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया जा रहा है। इस बात की सूचना सभी पार्षदों के पास पहुंचने के बाद डीसी द्वारा कम से कम 15 दिन का समय देते हुए अविश्वास प्रस्ताव लाए जाने की तिथि निर्धारित की जाएगी। इस हिसाब से अब अविश्वास प्रस्ताव के लिए बैठक 15 अगस्त के बाद ही संभव होती नजर आ रही है। डीसी सुनीता वर्मा ने कहा कि सभी पार्षदों को पत्र लिखकर अविश्वास प्रस्ताव लाए जाने की जानकारी दी गई है।
असंतुष्ट पार्षदों का दल वापिस लौटा : वहीं घूमने के लिए निकले असंतुष्ट पार्षदों का दल मंगलवार शाम कैथल लौट आया।
जनता से पूछें पार्षद, तो ही लें फैसला : पार्षद दीपक शर्मा के प्रतिनिधि विनोद शर्मा ने कहा कि जो पार्षद विकास में भेदभाव के आरोप लगा रहे हैं, वे अपने वार्ड की जनता से पूछें कि उन्हें किस के साथ जाना चाहिए। जनता ने उन्हें चुनाव जितवाया है। जनता कहे तो ही उन्हें कोई फैसला लेना चाहिए।
कंबोज के बयान से मामला पटरी से उतरा : मंत्री कर्णदेव कंबोज के बयान पर सीएम के ओएसडी रहे रॉकी मित्तल ने कहा कि सरकार द्वारा लगाई गई ड्यूटी के बाद वे असंतुष्ट पार्षदों से बातचीत कर रहे थे। मामला काफी नजदीक था। लेकिन मंत्री कंबोज ने जो बयान दिया है, उससे बातचीत फिर से पटरी से उतर गई है। असंतुष्ट पार्षद भाजपा के हैं। उन्हें जो गिले शिकवे हैं, उसके बारे में मनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। ऐसे समय में इस तरह के बयान से मुश्किलें बढ़ जाती हैं। ऐसे बयानों से बचना चाहिए। रॉकी मित्तल ने कहा कि उनके भाई नरेश मित्तल भाजपा के थे, भाजपा के हैं और भाजपा के ही रहेंगे।