नगर पालिका की विवादास्पद जमीन पर काबिज पट्टेदारों ने लगाया आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
गुहला-चीका। नगर पालिका की जिस विवादास्पद जमीन की बोली शांतिपूर्वक करवाकर प्रशासन अपनी पीठ थपथपा रहा था, पट्टेदारों के एक पक्ष ने इस बोली को फर्जी बताया है। इस पक्ष का कहना कि मामला गुहला अदालत में है और अदालत ने उक्त जमीन पर स्टे को लगा रखा है। अदालत के आदेशों के बावजूद एक पक्ष को फायदा पहुंचाने के लिए प्रशासन ने कल 10-़12 किसानों को सामने बिठाकर बोली की औपचारिकता निपटा दी। कुंदन लाल की अगुवाई में पट्टेदारों का यह पक्ष आज डीसी कैथल से भी मिलकर आया और तमाम तथ्य उनके सामने रखे। डीसी ने उन्हें न्याय करने का भरोसा दिलाया है।
कुंदन लाल ने कहा कि नगर पालिका के अधीन कुल 83 कनाल 4 मरला जमीन पर पिछले 50 सालों से उनके परिवार का कब्जा है। कहा इस जमीन की डिक्री करवाने व कब्जा बहाल रखने के लिए उन्होंने गुहला अदालत में केस दायर कर रखा है। अदालत ने स्टे का आदेश देते हुए 9 अगस्त 2017 की अगली तारीख मुकर्रर कर रखी है। कुंदन लाल ने कहा कि प्रशासन ने 9 अगस्त के फैसले का इंतजार किए बिना शुक्रवार को आनन फानन में बोली का नाटक संपन्न कर दिया जबकि आज भी जमीन पर उनकी लगाई जीरी की फसल खड़ी है।
कनेक्शन भी खुद का, पाइप लाइन
कुंदन लाल ने दस्तावेजी सबूत देते हुए कहा कि जिस जमीन की नगर पालिका ने बोली करवाई है उस पर लगा ट्यूबवेल उन्होंने खुद अपने पैसों से करवाया था तथा बिजली विभाग से लिया गया कनेक्शन भी उनके परिजनों के ही नाम है। कुंदन लाल ने बताया कि पूरे खेत में पानी पहुंचाने के लिए पाइप लाइन भी उन्होंने खुद बिछाई थी। उन्होंने बताया कि आजादी के बाद पाकिस्तान से यहां आए उनके परिवार ने झाड़ झंखाड़ काटकर इस पथरीली जमीन को खेती योग्य बनाया था। उन्होंने कहा कि जब से यह जमीन उनके परिवार के पास है तब से वे एक बार भी इससे बेदखल नहीं हुए तथा लीज भरने में भी एक बार भी डिफाल्टर नहीं हुए। कुंदन लाल ने कहा कि इस जमीन पर अपने अधिकार की डिक्री करवाने के लिए उन्हें अदालत में केस डाल रखा है।
कुंदन लाल ने कहा कि नगर पालिका की कुल 5 सौ से अधिक जमीन की बोली होनी थी लेकिन प्रशासन ने सिर्फ उसी खास टुकड़े की बोली करवाई जिसको लेकर विवाद था। उन्होंने कहा कि बोली देने के लिए भी कुल 10-12 लोग मौजूद थे, जिससे साबित होता है कि कुछ खास लोगों को खास भूभाग की बोली देने के लिए बुलाया गया था। कुंदन लाल ने आरोप लगाया कि बहुत से लोग बोली देने के लिए पालिका भवन में जाना चाह रहे थे मगर पुलिस की मदद से प्रशासन ने उन्हें बाहर ही रोक दिया जिससे प्रशासन अपनी मनमर्जी करने में कामयाब हो पाया।
कुंदन लाल ने आशंका जताई की प्रशासन उक्त जमीन पर कब्जे के लिए धक्के शाही कर सकता है। उन्होंने कहा कि वे जान दे देंगे पर जमीन पर कब्जा नहीं करने देंगे। कुंदन लाल ने कहा कि अगर प्रशासन को यह जमीन चाहिए तो पहले अदालत से आदेश लेकर आए। उन्होंने कहा कि शनिवार को पालिका से तीन कर्मचारी कब्जे को लेकर आए थे लेकिन उन्होंने अदालत से आदेश लेकर आने की बात कहकर उन्हें वापिस लौटा दिया।
जमीन की बोली कानूनी प्रक्रिया के तहत करवाई गई है। जमीन पर अदालत की तरफ से आया स्टे को पालिका के पक्ष में है, क्योंकि साल बीतने के बाद नगर पालिका खुद ब खुद जमीन पर काबिज मान ली जाती है। इसके लिए बाकायदा पट्टेदारों से शपथपत्र भी लिए जाते हैं।
-निशा शर्मा, सचिव नगर पालिका चीका