गांव जाखौली में राजकीय प्राथमिक पाठशाला में बच्चों ने एलोवेरा समझ कर अपने चेहरे पर एक पेड़ के पत्ते रगड़ कर लगा लिए, जिससे 40 बच्चों को खुजली होने लगी। खुजली इतनी तेज हुई की बच्चे रोने लगे। इनमें से 12 बच्चों की हालत ज्यादा खराब हो गई। जिन्हें जिला अस्पताल में दाखिल करवाना पड़ा। घटना के कारण स्कूल में हड़कंप मच गया। सूचना मिलने पर डिप्टी डीईओ ने भी स्कूल का दौरा किया।
गांव जाखौली के राजकीय स्कूल में वीरवार सुबह जब बच्चे स्कूल पहुंचे तो प्रार्थना सभा के दौरान पूजा नामक एक बच्ची ने त्वचा को गोरा करने की बात कहते हुए स्कूल में एक पौधे को एलोवेरा समझ कर उसके पत्ते तोड़ लिए। और इसके पत्ते रगड़ कर चेहरे पर लगा लिए। इसी प्रकार से खेल-खेल में दूसरी छात्राओं ने भी इसी तरह अपने चेहरे पर पत्ते रगड़ कर लगा लिए। इसके बाद इस पौधे की पत्तियों का असर हुआ तो अचानक छात्राएं रोने लगीं। कक्षा चौथी व पांचवीं की छात्राओं में पत्तियों का इतना ज्यादा प्रभाव हुआ कि एक दूसरे को हाथ लगाने पर करीब 40 छात्राएं इससे प्रभावित हो गईं। छात्राओं के अचानक रोने एवं खुजली करने के कारण स्कूल के अध्यापकों में भी हड़कंप मच गया। तुरंत उन्हें गांव की पीएचसी में दाखिल करवाया गया। जहां से 12 छात्राओं को जिला अस्पताल रेफर किया गया। यहां इन सभी 12 छात्राओं का इलाज किया गया। तब जाकर उनकी समस्या दूर हुई।
पीएचसी में कई छात्राओं पर हुआ उल्टा असर, कम होने की बजाए बढ़ गई खुजली
पीएचसी पहुंचने पर जैसे ही छात्राओं को दवा लगाई गई तो इसका असर उल्टा हो गया और एलर्जी बढ़ गई। जिस कारण छात्राओं को भयंकर खुजली हुई और उनके चेहरे सहित त्वचा पर लाल चकते पड़ गए। इसके बाद 12 छात्राओं को जिला अस्पताल लाया गया। कैथल लाई गई छात्राओं में टीनू, मुस्कान, अनामिका, गुरप्रीत, शीतल, अनु, रेनू, खुशी, मुस्कान व कक्षा चौथी की विद्यार्थी प्रीती, मनप्रीत, मधू शामिल थी।
नहाने से दो बच्चे हुए ठीक, दोबारा हुई शुरू
हालांकि नहाने के बाद दो बच्चों की खुजली ठीक हो गई, लेकिन कुछ ही देर बाद फिर से उन्हें खुजली होने लगी। छात्रा गुरप्रीत व मधु के परिजनों ने उन्हें खुजली होने पर नहलाया उसके बाद कुछ ही मिनटों के बाद उन्हें दोबारा से खुजली शुरू होने लगी।
एलोवेरा समझ कर रगड़े थे पत्ते
छात्राओं ने बताया कि उन्होंने एलोवेरा समझ कर पेड़ के पत्ते रगड़े थे। लेकिन इसके रगड़ते ही इसका उल्टा असर होना शुरू हो गया। चेहरे पर लाल चकते हो गए और खुजली शुरू हो गईं।
वरिष्ठ चिकित्सक डा. आरडी चावला ने बताया कि किसी ऐसे पौधे के पत्तों का प्रभाव है जिसके लगाने से त्वचा में खुजली हो जाती है। सभी छात्राओं का इलाज किया गया है। अब सभी सामान्य हैं।
स्कूल इंचार्ज सुनीता ने बताया कि प्रार्थना सभा के दौरान बच्चों ने खेलते समय किसी पेड़ या पौधे के पत्ते रगड़ कर लगा लिए, जिससे यह घटना हुई है। सबसे पहले एक बच्ची को खुजली शुरू हुई थी। इसके बाद काफी छात्राओं में जब यह प्रभाव दिखा तो उन्हें अस्पताल लाया गया।
वहीं डिप्टी डीईओ शमशेर सिंह सिरोही ने बताया कि 40 छात्राएं इस घटना में प्रभावित हुई हैं। सभी का इलाज करवा दिया गया है। स्कूल में जटरोफा नहीं है। यह पता लगाया जा रहा है कि यह कौन सा पेड़ है। यदि वह स्कूल परिसर में है तो उसे कटवाया जाएगा।