संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। सरकारी स्कूलों में वितरित किए गए टैबलेट्स की स्थिति को एमआईएस पोर्टल पर अपडेट करने की अंतिम तिथि छह दिसंबर थी, लेकिन अब तक 40 प्रतिशत डाटा अपलोड नहीं हो सका है। पहले पोर्टल पर अपडेट करने की अंतिम तिथि 2 दिसंबर तय की गई थी, जिसे बाद
आंकड़ों की बात करें तो जिले में कुल 28,209 टैब में से केवल 17,061 का ही डाटा अपलोड हो पाया है। कुल 26,455 टैब छात्रों और 1,754 टैब शिक्षकों के पास हैं। नए ‘करंट टैब स्टेटस’ मॉड्यूल का लिंक स्कूलों में काम नहीं कर पाया, जिससे सभी स्कूलों की स्थिति पोर्टल पर दर्ज नहीं हो सकी। विभाग ने तकनीकी समस्या की जानकारी मिलने पर अंतिम तिथि बढ़ा दी।
जिला गणित विशेषज्ञ छत्रपाल ने बताया कि वर्तमान में डाटा अपलोड प्रक्रिया जारी है और अब तक लगभग 60% डाटा पोर्टल पर दर्ज हो चुका है। पोर्टल में यह विवरण दर्ज करना था कि किस स्कूल के पास कितने टैबलेट हैं, कितने चालू हैं, कितने खराब हैं और कितनों को मरम्मत की जरूरत है।
उन्होंने बताया कि मांगी गई जानकारी में टैबलेट की संख्या, चालू व खराब टैबलेट की संख्या दर्ज करनी है। इसके अलावा ठीक होने वाले टैबलेट की संख्या देनी है। वहीं, विद्यालयों को आईएमईआई संख्या भी पोर्टल पर दर्ज करनी है।
शिक्षा निदेशालय ने सभी विद्यालयों को टैबलेट स्टेटस अपडेट करने के निर्देश दिए थे, ताकि डिजिटल डिवाइस की वास्तविक उपलब्धता, भविष्य की योजनाओं, मेंटेनेंस, वितरण तथा ऑडिट प्रक्रिया में स्पष्टता आए।
बताया जाता है कि टैब स्टेटस मॉड्यूल का लिंक स्कूलों में खुल ही नहीं पाया, जिसके कारण टैबलेट की स्थिति पोर्टल पर दर्ज नहीं हो सकी थी। विभाग को भी इस समस्या की जानकारी दी गई थी इस कारण विभाग ने अंतिम तिथि बढ़ाई थी लेकिन बावजूद इसके काम नहीं किया जा सका है। कहा जा रहा है कि लिंक ठप रहने के कारण स्कूल रिपोर्ट अपलोड नहीं कर पाए। कहा जा रहा है कि अब विभाग फिर से तिथि बढ़ाएगा।
टैबलेट के फायदे
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ई-बुक, वीडियो लेक्चर, ऑनलाइन कोर्स और सिमुलेशन आसानी से उपलब्ध
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एक ही डिवाइस में कई विषयों की सामग्री
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किताबों का बोझ कम
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क्विज़, गेम-बेस्ड लर्निंग और 3डी मॉडल से पढ़ाई रुचिकर
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नई जानकारी तुरंत उपलब्ध
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डिजिटल टूल्स, टाइपिंग और ऑनलाइन रिसर्च में मदद
टैबलेट के नुकसान
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अधिक स्क्रीन टाइम से आंखों में दर्द, सिरदर्द और नींद की समस्या
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गेम और सोशल मीडिया से ध्यान भटकने की संभावना
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डिजिटल लिखाई बढ़ने से हैंडराइटिंग अभ्यास कम
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गलत वेबसाइट, वायरस और ऑनलाइन ठगी का जोखिम