जिले में पांच साल पहले चुने गए 3196 पंचायती राज प्रतिनिधियों का शुक्रवार को कार्यकाल खत्म हो गया। सरपंचों, ब्लॉक समिति अध्यक्षों एवं जिला परिषद अध्यक्ष ने अपना कार्यभार प्रशासनिक अधिकारियों को सौंप दिया है। इसी के साथ पंचायतों के लिए बीडीपीओ, ब्लॉक समितियों के लिए एसडीएम एवं जिला परिषद के लिए एडीसी बतौर प्रशासक नियुक्त हो गए हैं। इन अधिकारियों के हाथ में अब पंचायती राज संस्थाओं की कमान होगी। जब तक जिले में नए 3355 पंचायत प्रतिनिधियों का चुनाव नहीं हो जाता, तब तक प्रशासक के माध्यम से पंचायतों में अति आवश्यक कार्य ही हो पाएंगे।
वर्ष 2010 में जिले में हुए पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों में जिला परिषद के 19 सदस्य चुने गए थे। जिनमें से नाजर सिंह दयौरा को अध्यक्ष चुना गया था। दयौरा ने शुक्रवार को पांच साल के कार्यकाल के बाद अपना कार्यभार एडीसी जितेंद्र कुमार को सौंप दिया। उन्होंने सरकारी गाड़ी सहित कार्यभार के कागजात एडीसी को सौंपे।
इसी प्रकार पांच वर्ष पूर्व छह ब्लॉक समितियों में कैथल ब्लॉक समिति की बिमला देवी, सीवन ब्लॉक समिति के चेयरमैन पृथ्वी सैनी, पूंडरी ब्लॉक समिति के चेयरमैन विजयपाल, राजौंद ब्लॉक समिति के चेयरमैन दिलबाग सिंह ढुल, कलायत ब्लॉक समिति की चेयरमैन जीतो देवी एवं गुहला-चीका ब्लॉक समिति के चेयरमैन ज्ञान सिंह का कार्यकाल शुक्रवार को संपन्न हो गया।
इसी प्रकार से जिले की 268 ग्राम पंचायतों में भी सरपंचों का कार्यकाल खत्म हो गया। जिन्होंने अपना कार्यभार बीडीपीओ को सौंप दिया है।
शाम छह बजे तक राजौंद, पूंडरी व कैथल के बीडीपीओ ने डीडीपीओ कार्यालय को सूचित कर दिया था कि सभी ग्राम पंचायतों से कार्यभार ले लिया गया है।
इस बार चुने जाएंगे 3355 नए पंचायत प्रतिनिधि
इस बार जिले भर में 277 ग्राम पंचायतों में 277 सरपंच, 2915 पंचायत सदस्य, 142 ब्लॉक समिति सदस्य एवं 21 जिला परिषद सदस्यों का चुनाव होगा। जिसमें 1200 से ज्यादा महिला सदस्यों का भी चयन किया जाएगा।
पिछली बार जिले भर में 3196 पंचायत प्रतिनिधि चुने गए थे। जिसमें 2766 पंचायत सदस्य, 270 सरपंच, 19 जिला परिषद सदस्य एवं 141 ब्लॉक समिति सदस्यों का चुनाव हुआ था।
5 लाख 61 हजार 479 मतदाता करेंगे मतदान
जिले भर में 15 जुलाई को फाइनल हुई पंचायत चुनाव के लिए वोटर लिस्ट के हिसाब से 5 लाख 61 हजार 479 लोग वोट डालेंगे। जिसमें कुल 3 लाख 3 हजार 417 पुरुष एवं 2 लाख 58 हजार 62 महिला मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगी।
24 जुलाई को जिले में पंचायतों, ब्लॉक समितियों एवं जिला परिषद का कार्यकाल खत्म हो गया है। पंचायतों के लिए बीडीपीओ, ब्लॉक समितियों के लिए एसडीएम एवं जिला परिषद के लिए एडीसी द्वारा चार्ज लिया जा रहा है। जो बतौर प्रशासक काम करेंगे।
सुरेंद्र कुमार, डीडीपीओ, पानीपत।