हड़ताल का छठा दिन: लोकल रुटों पर चलाई गई 33 स्कूलों की बसों में से चली केवल 16 बसें
बसों के अभाव में लोगों को परेशानी, यात्रियों को नहीं मिल रही बसें
डिपो को 50 लाख रुपये से अधिक का फटका
सरकार के आदेशों के बाद पूरे हरियाणा में वेंटिग लिस्ट में शामिल 174 ड्राइवरों की नियुक्ति के आदेश जारी
14 मिलेंगे कैथल को
फोटो नंबर-01 से 04
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। निजीकरण के विरोध में रोडवेज कर्मचारियों द्वारा शुरु की हड़ताल के छठे दिन यात्री परेशान रहे। विभाग द्वारा निजी बसों के साथ निजी स्कूलों की बसों की की गई वेकल्पिक व्यवस्था भी दम तोड़ गई। 33 में से 16 निजी स्कूलों की ही बसें रविवार को विभिन्न रुटों पर दौड़ीं। वहीं रोडवेज की एक भी बस रुट पर नहीं चलने से यह समस्या ज्यों की त्यों है।
छह दिनों से जारी हड़ताल में सबसे अधिक परेशानी बुर्जुगों व महिलाओं को हो रही है। सरकार के आदेशों के तहत विभाग की ओर से लोकल रुटों पर चलाई गई 33 बसों में से रविवार को महज 16 बसें ही सड़कों पर दौड़ पाई। वहीं केवल 16 स्कूली बसों के चलने के कारण यात्रियों को घंटो तक बसों के इंतजार में बैठना पड़ा।
दो घंटे तक नहीं मिली बस:-बस स्टैंड पर खनौरी से आई महिला गोगा देवी ने बताया कि वह सुबह आठ बजे खनौरी से चली थी, उसे करनाल में अपने घर जाना था। खनौरी से पंजाब की बस तो मिल गई। लेकिन करनाल जाने के लिए दो घंटे तक कोई बस स्टैंड पर नहीं पहुंची। महिला ने बताया कि बस न मिलने के कारण उसे काफी परेशानी झेलनी पड़ी। सरकार द्वारा जनता को सेवा देने के लिए उचित प्रंबध करने चाहिए।
दो से तीन रुटों का सफर कर आना पड़ा:-हिसार में सेना में तैनात फौजी सुमित कुमार ने बताया कि वह यमुनानगर का निवासी है। छुट्टी पर घर आया था। सुबह सात बजे यमुनानगर से चला। पहले को बस कुरुक्षेत्र तक मिली। इसके बाद कैथल की कुरुक्षेत्र से कोई बस नहीं मिली। कुरुक्षेत्र से पूंडरी जाने वाली बस के माध्यम से कैथल पहुंचा। एक घंटे तक भी हिसार जाने के लिए बस नहीं मिली। काफी कठिनाई हुई है।
बस स्टैंड पर संगरुर से कठवाड़ जाने के लिए पहुंची बुर्जुग महिला दर्शना देवी ने कहा कि वह बस के इंतजार में एक घंटे तक बस स्टैंड पर खड़ी है। लेकिन बस नहीं आई। काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
विभाग को 50 लाख रुपये से अधिक नुक्सान:-हड़ताल के कारण विभाग को करीब 50 लाख रुपये का नुकसान हो चुका है। आशंका यह भी जताई जा रही है कि कई निजी स्कूल बसों के चालक भी पूरी राशि जमा नहीं करवा रहे हैं। विभाग से मिली जानकारी के अनुसार डिपो को रोजना 10 से 12 लाख रुपये की आमदनी होती है। लेकिन पिछले छह दिनों से जारी रोडवेज की हड़ताल होने से विभाग को 50 लाख रुपये अधिक का नुक्सान हुआ है। निजी बसों के माध्यम से आमदनी महज 2 लाख हुई है।
सरकार के आदेशों के बाद वेंटिग लिस्ट में शामिल 14 ड्राईवर कैथल को मिलेंगे:-सरकार द्वारा रविवार को रोडवेज कर्मचारियों से की जाने वार्तालाप से पहले आदेश जारी कर ड्राइवरों की नई भर्ती में शामिल वेंटिग लिस्ट में शामिल ड्राईवरों को ज्वाईन करवाने का पत्र जारी कर दिया है। जिसके तहत कैथल डिपो में 14 ड्राइवरों को नियुक्ति के बुलाया गया है। इन ड्राइवरों के पास संदेश पहुंचने के बाद यह पद संभालने के लिए डिपो में आ जाएगें।
जरुरत के अनुसार बसें चलाई:-जीएम रामकुमार भुक्कल ने बताया कि रविवार होने पर बस स्टैंड पर सवारियों की संख्या अधिक नहीं थी। जिस कारण चलाई गई स्कूली बसों को कम किया गया। डिपो में जरुरत के अनुसार ही बसें चलाई गई है।