वार्डों का गली विवाद : जांच टीम ने किया वार्ड तीन की विवादित गली का दौरा, मिली लापरवाही
जांच रिपोर्ट को चेयरमैन को सौंपने के बाद होगा फैसला
15.50 लाख में से 6.10 लाख रुपये खर्च ही मिले
फोटो नंबर-13
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। शहर के तीन वार्डों में चल रहे गली विवाद के लिए चेयरपर्सन द्वारा गठित की गई कमेटी शुक्रवार शाम को वार्ड नंबर तीन में पहुंची। यहां कमेटी ने संबंधित गलियों का दौरा कर यहां पर नपा व ठेकेदार करवाए गए गली निर्माण कार्यों के बारे में जानकारी हासिल की।
कमेटी में एमई राजकुमार शर्मा, प्रदीप जेई व पार्षद मोहन लाल शर्मा मौजूद रहे। इसके अलावा उनके साथ चेयरमैन प्रतिनिधि सुरेश कश्यप, जेई मोहित सहित अन्य ठेकेदार भी मौजूद रहे। सबसे पहले टीम सुभाष नगर की भानों देवी वाली गली में पहुंचे। जहां नपा द्वारा पांच लाख रुपये की बजाय केवल 4.48 लाख रुपये ही गली निर्माण में लगाए थे। इस पर कमेटी से बची हुई राशि की पूरी जानकारी हासिल की। वहंी यहां के पार्षद प्रतिनिधि केसर दास ने कहा कि नपा ने एक समान कार्य नहीं किया है। जिससे यहां के लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। चेयरपर्सन प्रतिनिधि ने गली के टेंडर की राशि से बची हुई राशि को उनके वार्ड की दूसरी गली के निर्माण में लगाने का आश्वासन दिया। इसके बाद वे दूसरी गली भूती राम की गली में पहुंचे जहां 9.90 लाख रुपये का टेंडर लगा हुआ था। लेकिन इस गली का निर्माण तो दूर यहां मिट्टी तक नहीं डाली गई थी। इस पर कमेटी के सदस्यों ने विस्तार से जानकारी हासिल की। जिसमें पाया कि इस गली के टेंडर के रुपयों की राशि को कहीं लगाया ही नहीं गया। कमेटी के सदस्यों ने गली निवासियों को बुलाकर उनसे एक पत्र बनवा इसके निर्माण की अपील डलवाई।
कमेटी के सदस्य मोहन शर्मा ने बताया कि दोनों की गलियों में 15.50 लाख रुपये के टेंडर लगाए गए थे। जिसमें से केवल 6.10 लाख रुपये खर्च हुए हैं। अभी वार्ड पांच और आठ वार्ड का दौरा करना भी बाकी हैं। तीनों वार्डों की रिपोर्ट बनाकर निर्णायक मंडल ईओ व चेयरमैन को सौंप दी जाएगी।
वार्ड के पार्षद प्रतिनिधि केसर दास ने कहा कि उनका गली निर्माण में हुए विवाद को लेकर किसी से कोई शिकायत नहीं है। उसकी शिकायत सिर्फ यह है बजट आने के बावजूद भी एक गलियों में एक समान कोई कार्य नहीं करवाया जा रहा है। वार्ड में अन्य गलियों में भी मिली खामियां : विवादित गलियों के साथ ही कमेटी ने वार्ड की अन्य गलियों की खामियों को भी मौके पर जाकर देखा। जिसमें गली निर्माण से लेकर कई नालियों में लापरवाही पाई गई। जिसमें चेयरपर्सन प्रतिनिधि ने जेई को संबधित ठेकेदार से इसका समाधान करवाने के आदेश दिए।