अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। गरीब लोगों के बच्चों को शिक्षा देने के नियम 134ए के तहत यदि निजी स्कूलों द्वारा सीटों का ब्यौरा नहीं दिया तो विभाग अब उन पर कार्रवाई करेगा। शिक्षा विभाग द्वारा यह नियम गरीब लोगों को शिक्षा देने के लिए है। विभाग के अनुसार निजी स्कूलों द्वारा सीटों का ब्यौरा न देने पर उनकी मान्यता तक रद्द हो सकती है। इसके साथ ही विभाग की ओर से निजी स्कूलों द्वारा आईएमएस पोर्टल पर बच्चों की संख्या जान उसके 10 प्रतिशत सीटें 134 ए के तहत उपलब्ध करवा दी जाएगी।
दूसरे दिन किसी भी स्कूल ने नहीं दिया सीटों का ब्यौरा : सीटों का ब्यौरा देने से अधिकतर स्कूल सीटें बताने में झिझक रहे हैं। जिसके मद्देनजर बुधवार को दूसरे दिन भी किसी भी निजी स्कूल ने विभाग को सीटों का ब्यौरा नहीं दिया है।
बाहर हो रहे आवेदन : शिक्षा विभाग द्वारा इस बार 134 ए के तहत आवेदन को लेकर विभाग के कार्यालय से आवेदन नहीं हो रहे। आवेदनकर्ताओं को ऑनलाइन फार्म कैफे से भरने पड़ रहे हैं।
जानकारी मांगी गई है, नहीं देने पर करेंगे कारवाई : डीईओ रामकुमार फलसवाल ने बताया कि जिले में 134 ए के तहत फ्री शिक्षा के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है। निजी स्कूलों से सीटों का ब्यौरा मांग लिया गया है। यदि कोई भी निजी स्कूल इस मामले में अपनी मनमानी करता है तो आईएमएस पोर्टल के माध्यम से बच्चों की जानकारी ले उस स्कूल में 134 ए के तहत सीटें उपलब्ध करवाई जाएगी।
सीटों का ब्यौरा न देने से गरीबों को परेशानी : 134ए के जिला प्रभारी रामदिया चावरियां ने कहा है कि वे गरीब बच्चों की शिक्षा के लिए जागरूकता अभियान चलाए हुए हैं। निजी स्कूलों द्वारा सीटों का ब्यौरा न देने के कारण गरीब बच्चों का निशुल्क दाखिल नहीं हो पाता है। जिससे उन्होंने काफी परेशानी होती है। विभाग को इस पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। ताकि गरीब बच्चों का मजाक न हो।
134 ए के तहत निजी स्कूलों ने की मनमानी तो विभाग कसेगा नकेल
सीटों का विवरण नहीं दिया तो मान्यता हो सकती है रद़्द
10 से अधिक सीटें उपलब्ध करवाना होगा अनिवार्य
दूसरे दिन भी नहीं दिया स्कूल में सीटों का ब्यौरा
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