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तीन सालों में जिले में 457 सड़क हादसों में 500 से अधिक लोगों की दर्दनाक मौत

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नसीब सैनी
कैथल। जिले में सड़क हादसों में मौत का आंकड़ा सालाना तौर पर 150 से ऊपर पहुंच गया है। पिछले तीन सालों में 500 से अधिक लोग जान गंवा चुके हैं। जिसमें अधिकतर हादसे दोपहिया वाहन चालकों के साथ हुए हैं। इन हादसों में 90 प्रतिशत कारण सिर की चोट बताई गई और सिर की चोट हेलमेट ना पहनने के कारण ही ज्यादातर लगती हैं। अमर उजाला बेशकीमती जान बचाने की दिशा में एक अभियान शुरू कर रहा है। जिसमें आप भी अपनी आहुति डाल सकते हैं। लोगों को हेलमेट पहनने को लेकर जागरूकता जरूरी है। ताकि उनकी जान बच सके।

तीन साल में हुई 500 से अधिक मौत : पिछले तीन साल में जिले में 500 से अधिक मौत सड़क हादसों में हुई हैं। इनमें वर्ष 2015 में सड़क हादसों के कुल 150 केस दर्ज हुए। इनमें 161 लोगों की मौत हुई। 2016 में 161 केस दर्ज हुए। जिनमें 175 लोगों को जान से हाथ धोना पड़ा। इसी तरह से 2017 में 146 केस दर्ज हुए। इनमें 163 लोगों की असामयिक मौत हुई। 2018 में अभी तक 15 केस दर्ज हो चुके हैं। जिसमें 12 लोग सड़क हादसों में मारे जा चुके हैं।
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हादसों में मौत का 90 प्रतिशत कारण सिर की चोट : जिला अदालत में वरिष्ठ अधिवक्ता दिनेश त्यागी का कहना है कि मोटर ह्वीकल एक्ट के तहत जितने भी मामले सामने आते हैं। उनमें मौत का 90 प्रतिशत कारण सिर की चोट होती है। प्राय: यह भी देखने में आते है कि 90 प्रतिशत केसों में मृतक ने हेलमेट नहीं पहना होता। हेलमेट पहन कर हादसे तो नहीं रोके जा सकते, लेकिन हादसों में जान की सुरक्षा जरूर की जा सकती है। यदि सिर की चोट ना हो तो जान तो बचाई ही जा सकती है। इसलिए हेलमेट पहनना चाहिए। दोपहिया वाहन चलाते समय तो यह बहुत ही जरूरी है।
सड़क हादसे में एक युवक की मौत देश का बड़ा नुकसान, आप हेलमेट पहन कर चलें : समाज सेवी डा. चेतना शर्मा का कहना है कि सड़क हादसे में एक युवक की मौत देश का बड़ा नुकसान है। हर युवा के अंदर अलग क्षमता होती है। उसे अवसर मिले तो वह देश के लिए कुछ ना कुछ बड़ा योगदान भी दे सकता है। इसलिए युवाओं को चाहिए कि वे दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनें। उन्हें नुकसान ना हो, परिवार को नुकसान ना हो, देश को नुकसान ना हो।

हेलमेट का चालान भले ही रुपयों में छोटा हो, जिंदगी बचाने में हेलमेट का बड़ा योगदान : एसएचओ यातायात पुलिस मनदीप सिंह का कहना है कि हेलमेट को दोपहिया वाहन चालक हलके में लेते हैं। बेशक हेलमेट ना पहनने का चालान रुपयों में छोटा है। लेकिन जिंदगी बचाने में इसका सबसे बड़ा योगदान है। हादसों में कई युवकों की मौत महज हेलमेट की कमी के कारण होती है। इसलिए सभी हेलमेट पहनें। ट्रिपल राइडिंग, ओवर स्पीड भी हादसों का कारण है। विशेष रूप से युवा इन बातों का ध्यान रखें।
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आप भी दे सकते हैं योगदान : यदि आपके परिवार या आस-पास के क्षेत्र में आपको हेलमेट की कमी के कारण हुई कोई बड़ी घटना की जानकारी है तो अमर उजाला को बताएं। ताकि लोगों के सामने उसे रखा जा सके कि हेलमेट की कमी के कारण परिवार को कितना नुकसान हो सकता है। साथ ही अपने सुझाव भी अमर उजाला को ई-मेल के माध्यम से दे सकते हैं।

तीन साल, 457 हादसे, 500 से अधिक मौत, 90 प्रतिशत मौत सिर में चोट से
- बिना हेलमेट, ओवरस्पीड, ट्रिपल राइडिंग व नियमों की अवहेलना हादसों का बड़ा कारण
फोटो संख्या-6 से 10
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