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हाईरिस्क पर है प्राणदाता रक्त का स्टॉक

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हाईरिस्क पर है ब्लड बैंक का स्टॉक
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अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में सीधी बिजली आपूर्ति के कारण किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। जानकारी के बावजूद विभाग को इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। यहां बिजली की कमी के चलते 70 लाख से अधिक की मशीनें बंद पड़ी हैं। वहीं 600 रक्त की यूनिट के स्टॉक को भी नुकसान पहुंच सकता है।

600 यूनिट का स्टॉक है जिला अस्पताल में
जिला अस्पताल में 600 यूनिट रक्त का स्टॉक रखा जाता है। रेडक्रॉस के माध्यम से आयोजित शिविरों आदि के माध्यम से एकत्रित रक्त को यहीं पर संरक्षित करके रखा जाता है। इसके लिए अब 2 डी-फ्रिजर्स का प्रयोग किया जा रहा है।
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बिजली की खस्ताहाल, शॉर्ट सर्किट हुआ तो बड़ा नुकसान
ब्लड बैंक से मिली जानकारी के अनुसार ब्लड बैंक में रखी बड़ी-बड़ी मशीनों को चलाने के लिए यहां 3 फेस की बिजली आपूर्ति चाहिए। लेकिन यहां 1 फेस की आपूर्ति है। इससे महज दो मशीनें ही चल पा रही हैं। इनके लिए भी जो आपूर्ति सिस्टम है, उसे डायरेक्ट किया गया है। इसमें यदि अब शॉर्ट सर्किट हो जाता है तो पूरे सिस्टम को खतरा हो सकता है। क्योंकि कंट्रोल सिस्टम पूरी तरह से जला हुआ नजर आ रहा है। जुगाड़ तरीके से तारों को सीधा जोड़ा हुआ है।
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70 लाख से अधिक की मशीनें बिना प्रयोग के रखी हैं ब्लड बैंक में
बिजली की 3 फेस की वोल्टेज की कमी में यहां पर करीब 70 लाख रुपये की मशीनें बिना इस्तेामल के रखी हैं। एक तो बायोसेफ्टी कैबिनेट बिल्कुल नई मशीन आई थी, जिसका इस्तेमाल नहीं हो पा रहा है। इसके अलावा माइनर 40 डिग्री पर चलने वाले डी-फ्रीजर व माइनस 80 डिग्री सेल्सियस पर चलने वाला डी-फ्रीजर बंद पड़ा हुआ है। जो लंबे समय तक ऐसे ही रखी रहीं तो खराब भी हो सकती हैं। रक्त की जरूरत को देखते हुए ब्लड बैंक नियमानुसार हॉट लाइन से जुड़ा होना चाहिए। ताकि रक्त खराब ना हो। विभागीय सूत्रों ने बताया कि इस बारे में कई बार आला अधिकारियों को लिखा जा चुका है। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है।

मुझे इस बारे में अभी जानकारी नहीं हैं। मैं 15 दिन की छुट्टी पर था। सोमवार को पता करवाया जाएगा कि क्यों नहीं इसे ठीक किया जा रहा है।
- डॉ. मुकेश, पीएमओ, कैथल।
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