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31 नियमित एलटी सस्पेंड, 14 अनुबंधित एलटी टर्मिनेट

Tue, 20 Sep 2016 11:58 PM IST
ब्यूरो कैथल
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खाली पड़े सरकारी अस्पताल के लैब - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सोमवार से हड़ताल पर चल रहे जिले में 45 लैब टेक्नीशियन में से नियमित 31 एलटी को सस्पेंड व 14 अनुबंधित एलटी को तुरंत प्रभाव से टर्मिनेट कर दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने इसे जनहित में लिया गया फैसला बताया है। क्योंकि इस समय प्रदेश में मलेरिया, डेंगू सहित कई बीमारियों का प्रकोप जारी है इसी बीच लैब टेक्नीशियन हड़ताल पर चले गए। वहीं दो दिन के लिए की गई हड़ताल दोपहर तीन बजे खत्म करके एक बार एलटी काम पर लौट आए थे। लेकिन विभाग द्वारा सस्पेंड व टर्मिनेट करने के फैसले को वापस न लिए जाने के कारण वे फिर से हड़ताल पर चले गए। अब हड़ताल बुधवार को भी जारी रहेगी।
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हड़ताल के कारण मरीज परेशान
जिला अस्पताल में दूसरे दिन भी लैब टेक्नीशियन के हड़ताल के कारण मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल में प्रति दिन करीब 500 से अधिक लोग टेस्ट के लिए आ रहे हैं। मलेरिया जैसी बीमारी के कारण अधिक रोगी टेस्ट के लिए आ रहे हैं। ऐसे में लैब टेक्नीशियनों की हड़ताल के कारण लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

नहीं दिखाया सकारात्मक रवैया
एलटी एसोसिएशन के जिला प्रधान रमेश चंद ने बताया कि 13 सितंबर से लैब टेक्नीशियन काले बिल्ले लगाकर रोष प्रकट रहे हैं। लेकिन सरकार ने कोई सकारात्मक रवैया नहीं दिखाया। सरकार ने एसोसिएशन के प्रतिनिधि मंडल को पंचकूला में बुलाकर बंद कमरे में धमकाने की कोशिश की, जिसके कारण एसोसिएशन ने अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का फैसला लिया। मंगलवार को राज्य औषधिकार एसोसिएशन के सचिव बलजीत सिंह, राज्य डेंटल मैकेनिक एसोसिएशन के महासचिव पृथ्वी सैनी ने हड़ताल का समर्थन किया।
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यह हैं मुख्य मांगें
1. सभी परियोजनाओं में कार्यरत एलटी को नियमित किया जाए।
2. समान काम और समान वेतन लागू किया जाए।
3. छठे वेतन आयोग की विसंगतियों को दूर करके सातवां वेतन आयोग शीघ्र लागू किया जाए।
4. एलटी की पदोन्नति कैडर केंद्र के अनुसार किया जाए।
5. मरीज की देखभाल-भत्ता दिया जाए।

जारी रहेगी अनिश्चितकालीन हड़ताल : जिला प्रधान
लैब टेक्नीशियन एसोसिएशन के प्रधान रमेश चंद ने बताया कि मंगलवार को उन्होंने हड़ताल खत्म कर दी थी और वे शाम को अपने काम पर लौट आए थे। लेकिन सरकार ने नियमित कर्मचारियों को सस्पेंड करके व अनुबंध आधार पर लगे कर्मचारियों को हटा दिया। इसके विरोध में अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने बताया कि सुबह अस्पताल में कर्मचारी हड़ताल पर जाएंगे।

सरकार से बहाली का नहीं आया आदेश
सीएमओ मनीष बंसल ने बताया कि जिला स्वास्थ्य विभाग में कुल 45 लैब टेक्नीशियन हैं। जिसमें से 31 नियमित हैं। सरकार के आदेशानुसार डेंगू, जापानी बुखार व मलेरिया जैसे बुखारों के मौसम में हड़ताल करने के कारण 31 एलटी को सस्पेंड कर दिया गया है। साथ ही हड़ताल कर रहे 14 अनुबंधित एलटी को टर्मिनेट कर दिया गया है। सरकार से बहाली के कोई आदेश नहीं आए हैं। जो आदेश आए हैं, उनका पालन करते हुए लैब टेक्नीशियनों को सस्पेंड व हटा दिया गया है। अगले आदेशों तक इन आदेशों की पालन किया जाएगा।

टेस्ट न होने से मरीज परेशान
जिला अस्पताल में प्रतिदिन करीब 1400 से 1600 ओपीडी है। जिसमें मलेरिया सहित अन्य बीमारियों में 500 से अधिक लोगों का प्रतिदिन टेस्ट होता है। गांव क्योड़क से आई महिला सरवती देवी ने बताया कि उसको कई दिनों से बुखार आ रहा है। डॉक्टर नेे टेस्ट के लिए लिखा है। लेकिन टेस्ट नहीं हो सका है। जिसके कारण इलाज नहीं मिल सका। महिला पार्वती, संतोष, रूप सिंह, सतीश, जसविंद्र ने बताया कि उन्होंने टेस्ट करवाना था। कर्मचारी हड़ताल पर होने के कारण टेस्ट न होने से काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

दूसरे दिन भी मरीज हुए परेशान
कलायत। स्वास्थ्य केंद्रों में तैनात लैब तकनीशियनों की हड़ताल को स्वास्थ्य विभाग द्वारा चाहे गैर कानूनी घोषित क्यों न कर दिया गया हो मगर दूसरे दिन भी सभी लैब तकनीशियन हड़ताल पर रहे। प्रयोगशाला बंद होने के कारण मंगलवार को भी मरीज अपने स्वास्थ्य की जांच करवाने के लिए इधर-उधर भटक रहे।
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