कुरुक्षेत्र के प्रदेशस्तरीय पशु मेले में कैथल डिपो से रोडवेज की 30 के करीब बसें रवाना होगी। यह मेला छह से आठ फरवरी तक कुरुक्षेत्र लगेगा। कैथल शहर, कलायत व गुहला चीका से बसें रवाना होगी। बसों में पशुपालकों का किराया नहीं लगेगा। निशुल्क बसों में सफर कर मेल में पशुओं संबंधित जानकारी पशुपालक ले सकते हैं। रोडवेज विभाग ने रूटों पर वैकल्पिक व्यवस्था भी करेगा, ताकि यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। रोजाना मेले के लिए चालक व परिचालकों की ड्यूटी लगाई जाएगी।
इस 41वें राज्यस्तरीय मेले में प्रदेश भर से उत्तम नस्ल की भैंस, गाय, भेड़, बकरी, ऊंट और सुअर सहित कुल 53 विभिन्न श्रेणियों के 600 चयनित श्रेष्ठ पशुओं को नगद पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। पशुओं के आवागमन पर होने वाला खर्च दूरी के अनुसार सरकार की ओर से वहन किया जाएगा। इसके अलावा उनके ठहरने, भोजन, पशुओं के लिए चारा और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं भी सरकार द्वारा सुनिश्चित की जाएंगी। प्रदर्शनी में भाग लेने के लिए पशुपालक अपने नजदीकी पशु चिकित्सालय से संपर्क कर पशुओं का पंजीकरण करवा सकते हैं। कैथल जिला की बात करें तो इस समय दो लाख 96 हजार पशु है। इनमें गाय, भैंस, भेड़, बकरी, सूअर व घोड़े शामिल है।
ये चीजें साथ लेकर पशुपालक जाए
जो पशुपालक अपने पशु को प्रदर्शनी में लेकर जाए वह अपने साथ अपना आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक पासबुक व परिवार पहचान पत्र जरूर रखें। अधिकारियों की ओर से मांगने पर दस्तावेज दिखा सकें।
मेले में शामिल होंगे उत्तम नस्ल के पशु
तीन दिन तक चलने वाली इस प्रदर्शनी में मुर्राह नस्ल की भैंस और झोटे सहित सात कैटेगरी, हरियाणा गाय की पांच, साहीवाल गाय की चार, ऊंट की दो श्रेणियों के पशु भाग लेंगे। भेड़-बकरी की चार, हिसार डेक भेड़ की चार तथा मेल और फीमेल गधे व घोड़ों की सात श्रेणियों के पशु भी प्रदर्शनी में शामिल होंगे। मेले में लगभग जिला से 1500 के करीब पशुपालकों के जाने की उम्मीद है, जिसमें लोग करोड़ों रुपये मूल्य के पशुधन का अवलोकन कर सकेंगे।
जिला से काफी पशुपालक अपने पशु लेकर जाएंगे : सुरेंद्र
वेटनरी सर्जन सुरेंद्र नैन ने बताया कि पशुपालकों को उन्नत पशुपालन एवं डेयरी से संबंधित सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पशुपालन एवं डेयरी विभाग की ओर से कुरुक्षेत्र में 6 से 8 फरवरी तक राज्य पशु प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है। इसमें जिला से काफी पशुपालक अपने पशु लेकर जाएंगे। अब तक 60 से ज्यादा पशुपालकों ने पंजीकरण करवा लिया है। जो पशुपालक अपने पशुओं को प्रदर्शनी में ले जाना चाहते हैं वे अपने स्थानीय राजकीय पशु चिकित्सालय से संपर्क करें। सरकार की ओर से प्रदर्शनी में पशु ले जाने के लिए किलोमीटर के हिसाब से खर्चा दिया जाएगा।