प्रतिदिन की तरह वह मंगलवार शाम के समय राइस मिल में अपनी ड्यूटी के लिए बाइक पर सवार होकर गए थे, लेकिन वह सुबह घर नहीं पहुंचे। मोबाइल पर संपर्क किया तो वह स्विच ऑफ मिला। राइस मिल में जाकर देखा तो वहां पर भी नहीं मिले, जबकि चारपाई के पास उनका लंच बॉक्स, चप्पल तथा बैटरी मिली। उनकी बाइक दूसरे राइस मिल में खड़ी थी। करीब 11 बजे राइस मिल में काम करने वाले मजदूर जब शौच करने के लिए दीवार के पास गया तो उसने धान के खेत में राम सिंह का शव मिला। उन्होंने बताया कि उसके सिर व मुंह पर चोट के निशान मिले और उसके कपड़े भी फटे हुए पाए। जिस बारे अज्ञात के खिलाफ थाना ढांड में हत्या का मामला दर्ज किया गया।
डीएसपी ने कहा कि एसपी आस्था मोदी ने स्पेशल डिटेक्टिव यूनिट को जल्द मामले को सुलझाते हुए आरोपियों को काबू करने के आदेश दिए गए थे। आदेशों पर खरा उतरते हुए स्पेशल डिटेक्टिव यूनिट प्रभारी एसआई रमेश चंद की टीम ने आरोपी सिमरधा जिला ललितपुर यूपी निवासी रामकुमार, धीरज उर्फ धीरा तथा भिकम उर्फ पप्पू को ढांड से काबू कर लिया।
आरोपियों से पूछताछ दौरान उन्होंने रामसिंह की हत्या की वारदात को अंजाम देना कबूल किया। आरोपियों से पूछताछ दौरान खुलासा हुआ कि सभी आरोपी उक्त निर्माणाधीन राइस मिल में ही काम करते है तथा वहीं रहते है। वहां कई बार रात के बिजली कट जाती थी, वो सभी ये सोचते थे कि लाइट राम सिंह ने काटी है। वारदात वाली रात किसी कारण बिजली कट गई थी। उन्हे शक हुआ कि चौकीदार रामसिंह ने जान बूझकर लाइट काटी है। तीनों ने रामसिंह को सबक सिखाने के लिए उसके पास गए। रामसिंह से लाइट कटने को लेकर कहासुनी करते हुए सरिया व रॉड से उसके ऊपर हमला कर दिया, जो हमले में लगी चोटें से उसकी मृत्यु हो गई। छुपाने के लिए उन्होने शव को पास के खेत में फेंक दिया तथा फरार हो गए।