संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिलेभर में मंगलवार को सुपर- 100 की परीक्षा का आयोजन हुआ। इसके लिए जिलेभर से 2114 बच्चों ने पंजीकरण किया था। इनमें से 1839 बच्चों ने परीक्षा दी है। ब्लॉक कैथल से 662 विद्यार्थियों ने यह परीक्षा दी है। सीवन से 252, राजौंद से 278, कलायत से 242, पूंडरी से 405 विद्यार्थी परीक्षा में बैठे। कुल 275 परीक्षार्थी गैैरहाजिररहे।
गौरतलब है कि यह परीक्षा जिले के आठ केंद्रों पर आयोजित की गई। इनमें राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कैथल, राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय जखौली अड्डा आरोही मॉडल स्कूल ग्योंग, राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूल पूंडरी, राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूल कलायत, राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय चीका, राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय राजौंद केंद्र शामिल हैं।
परीक्षा के दौरान जिला शिक्षा अधिकारी व जिला शिक्षण एवं प्रशिक्षण संस्थान प्राचार्य सुभाष वर्मा ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कैथल का निरीक्षण किया व बच्चों को जरूरी मार्गदर्शन दिया व अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस मौके पर उनके साथ गणित विशेषज्ञ सुशील शर्मा व रावमा विद्यालय के प्रधानाचार्य रविंद्र शर्मा मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि सुपर-100 के माध्यम से सभी बच्चे अपने डॉक्टर व इंजीनियर बनने का सपना पूरा कर सकते हैं।
जिला विज्ञान विशेषज्ञ अनिल कुमार ने बताया कि इस परीक्षा का मुख्य उद्देश्य चयनित होने वाले बच्चों को निशुल्क प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयारी करवाना है। इसमें चयन होने वाले बच्चों को इंजीनियर व डॉक्टर बनने के लिए तैयारी करवाई जाती है। उन्होंने बताया कि सुपर-100 विकास की वह खिड़की है, जिसके माध्यम से बच्चे अपने सपने सच कर सकते हैं।
योजना कारगर
परीक्षार्थी कमल, पंकज, कुलविंद्र ने बताया कि सुपर-100 बच्चों के भविष्य के लिए बहुत की कारगर योजना है। जिन बच्चों का चयन सुपर 100 में हो जाता है, उन्हें रोजगार के अच्छे अवसर मिल जाते है। दसवीं कक्षा के विद्यार्थी इस परीक्षा में हिस्सा ले सकते हैं।
11वीं और 12वीं पढ़ाई भी सुपर 100 योजना के तहत ही निशुल्क करवाई जाती है। इसके बाद डॉक्टर व इंजीनियर बनने के लिए भारत के बड़े संस्थानों में
निशुल्क कोचिंग दी जाती है। इसके बाद विद्यार्थी पेपर पास कर अच्छी नौकरी पा सकते हैं।