कैथल। एनआईआईएलएम विश्वविद्यालय कैथल में “स्वदेशी ज्ञान प्रणाली और सतत विकास के लिए विज्ञान, प्रबंधन, इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी में हालिया प्रगति” विषय पर वीरवार को एआईसीटीई के दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का सफलतापूर्वक उद्घाटन हुआ। सेमिनार में पेपर प्रस्तुतियों के लिए 260 शोधार्थियों ने पंजीकरण कराया। है।
कार्यक्रम में बाबा मस्तनाथ विश्वविद्यालय, रोहतक के कुलपति प्रो. (डॉ.) एच. एल. वर्मा ने उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। कुलपति प्रो. (डॉ.) शमीम अहमद, कुलपति, एनआईआईएलएम विश्वविद्यालय ने अध्यक्षीय भाषण दिया। एच. एल. वर्मा ने कहा कि सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए पारंपरिक ज्ञान प्रणालियों को विज्ञान, प्रबंधन, इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी में प्रगति के साथ मिश्रित करने की आवश्यकता है। तकनीकी सत्रों की अध्यक्षता डॉ. प्रेरणा और डॉ. अनुज ने की।डीन ऑफ सोशल साइंस एंड हमुनीटीज डॉ एकता चहल ने धन्यवादी वक्तव्य दिया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय कुलसचिव डॉक्टर राजीव दहिया डीन एकेडमिक अफेयर्स प्रो आर के गुप्ता, प्रो. (डॉ.) रेखा गुप्ता (डीन, स्कूल ऑफ कॉमर्स एंड मैनेजमेंट) और डॉ. संदीप कुमार (डायरेक्टर रिसर्च),डीन रिसर्च विनय पवार ,विश्वविद्यालय दाखिला निदेशक राजेंद्र गोयत ,विश्वविद्यालय संपर्क अधिकारी डॉक्टर मनोज कुमार उपस्थित रहे।