गुहला-चीका। किसान आंदोलन का असर दिख रहा है। घग्गर पार के दो दर्जन गांव पिछले एक सप्ताह से गुहला उपमंडल से पूरी तरह से कटे हुए हैं। इन गांवों के लोगों को अपने अपने काम धंधों के लिए उपमंडल मुख्यालय तक पहुंचने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है। सबसे ज्यादा नुकसान स्कूल कालेज जाने वाले छात्रों को उठाना पड़ रहा हैं।
ज्यादातर रास्ते बंद होने के कारण स्कूल नहीं पहुंच पाने वाले छात्रों को अपना एक साल बर्बाद होने का डर सताने लगा है। उनका कहना है कि स्कूलों की परीक्षाएं नजदीक हैं, ऐसे में उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
गौरतलब है कि गुहला-चीका को पंजाब से जोडऩे वाले कैथल पटियाला स्टे हाइवे को 11 फरवरी को बंद कर दिया गया था। उसी दिन से इस मार्ग पर चलने वाली दोनों प्रदेशों के बसें भी बंद हैं। बसें बंद होने से लोगों को आने जाने के लिए वैकल्पिक रास्तों को सहारा लेना पड़ रहा है, जिससे उनका समय और पैसा दोनों बर्बाद हो रहे हैं। इसके अलावा भी गुहला को पंजाब से जोडऩे वाले एक दर्जन से अधिक छोटे बड़े मार्गों पर भी आईटीबीपी व पुलिस का कड़ा पहरा है।
घग्गर पार के ग्रामीण दर्शन सिंह, सतपाल सिंह, मलकीत सिंह, नसीब गगड़पुर आदि ने सरकार से किसान के मुद्दे को जल्द हल करने की मांग की है। संवाद