कैथल। शिक्षा विभाग ने वीरवार देर रात्रि 134ए के तहत ली गई परीक्षा का परिणाम घोषित कर दिया है। आनलाइन घोषित किए परिणाम के बाद शुक्रवार को सभी ब्लॉक शिक्षा अधिकारी कार्यालयों में भी परिणाम चस्पा किए गए। जिन्हें देखने के लिए अभिभावकों की भीड़ उमड़ी रही। अब 22 अप्रैल तक इन विद्यार्थियों को स्कूल अलॉट होंगे। दूसरी ओर प्राइवेट स्कूल वेल्फेयर एसोसिएशन ने 134 ए के तहत अपने स्कूलों में बच्चों को दाखिला नहीं देने का एलान किया है। जिस कारण इन बच्चों का दाखिला रूक सकता है।
शुक्रवार सुबह से ही सेक्टर 19 के राजकीय स्कूल में स्थित बीईओ कार्यालय में अभिभावकों की भीड़ जुटी रही। 22 अप्रैल को परीक्षा पास करने वाले बच्चों को स्कूल अलॉट किए जाएंगे।
कैथल ब्लॉक में 3400 में से 2100 बच्चे पास हुए हैं। यहां करीब 2250 सीटें हैं। इसके अलावा अलग-अलग ब्लाकों में अलग-अलग संख्या में बच्चों ने आनलाइन आवेदन किया है।
विभाग मुख्यालय करेगा स्कूल अलॉट
इस बार पास हुए बच्चों का दाखिला जिलास्तर पर नहीं होगा। उनके आनलाइन आवेदन के साथ उनके प्राप्त अंक जुड़ जाएंगे। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी शमशेर सिंह सिरोही ने बताया कि विभाग मुख्यालय स्तर पर ही बच्चों के दाखिले की आनलाइन कमांड दी जाएगी। अभिभावकों को सूचना मिल जाएगी कि उनके बच्चे का दाखिला किस स्कूल में हुआ है।
सीवन ब्लाक में 414 में 386 विद्यार्थी हुए पास
सीवन। खंड सीवन में 414 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी और 41 विद्यार्थी अनुपस्थित रहे। परीक्षा में 414 विद्यार्थियों में से 386 विद्यार्थी उर्तीण रहे जबकि कुल रिक्त पद 327 है। विद्यार्थी को परीक्षा पास के लिए 55 प्रतिशत अंक प्राप्त करना अनिवार्य है।
प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन ने किया दाखिला न देने का ऐलान
कैथल। प्राइवेट स्कूल ऐसोसिएशन के जिला प्रधान राजेश मुंजाल ने कहा कि गत तीन साल से बच्चों को पढ़ाने के लिए सरकार ने एक पैसा भी उन्हें नहीं दिया है। जब तक पिछली राशि उन्हें नहीं दी जाएगी तब तक वह आगे बच्चों को दाखिल नही करेंगे। इसके अलावा उन्होंने आरोप लगाया कि 134ए की परीक्षा देने के लिए लोगों ने फर्जी आमदन के प्रमाण पत्र बनवाकर परीक्षा दी है उनकी जांच करवाई जाए। इसके अलावा इस नियम के तहत सरकारी स्कूलों के बच्चों की बजाए प्राइवेट स्कूलों के बच्चे ही फर्जी आमदन का प्रमाण पत्र देकर प्राइवेट स्कूलों में दाखिला प्राप्त करने में जुटे हुए है। इस मामले की गंभीरता से जांच करवाई जाए ताकि योग्य बच्चे ही प्राइवेट स्कूलों में दाखिला प्राप्त कर सके। इस मामले की जांच व गत तीन सालों से सरकार की ओर कोई पैसा न देने को लेकर उन्होंने उपायुक्त को ज्ञापन भी सौंपा है।
निजी स्कूल एसोसिएशन ने अपना एक ज्ञापन प्राइवेट स्कूल वेल्फेयर एसोसिएशन के प्रधान राजेश मुंझाल व चेयरमैन पवन सगवाल के नेतृत्व में जिला उपायुक्त प्रियंका सोनी को सौंपा। पूर्व प्रधान बलिंदर संधु ने कहा कि सरकार लगातार निजी स्कूलों पर अनावश्यक दबाव बनाने में लगी हुई है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार चाहती है कि निजी स्कूलों में 134ए के तहत बच्चों का दाखिला लिया जाए तो बच्चों की सरकार द्वारा घोषित मुआवजा राशी भी समय पर स्कूल संचालकों को भेजी जाए। उप प्रधान प्रदीप क सान व कोषाध्यक्ष जगजीत माजरा ने आरोप लगाया कि सरकार और प्रशासन निजी स्कूलों पर ऐसे बच्चों को 134ए के तहत शिक्षा दिलाने का दबाव बना रहे हैं। चेयरमैन महिपाल कौशिक व ब्लाक प्रधान विकास धीमान कहा कि आवेदन फर्जी पाए जाने पर उन के खिलाफ केस दर्ज करवाए। इस अवसर पर जोगिंद्र दुल, कुलदीप पुनिया, प्रवीण प्रजापति, मंगल सिंह, कृष्ण बंदराना, अजय, कैप्टन नरेंद्र तंवर, प्रदीप कसान, सतबीर सहारण, जगजीत माजरा अन्य निजी स्कूल संचालक भी मौजूद रहे।