मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर ब्यौरा न देने पर फसल बेचने में होगी परेशानी
अमर उजाला ब्यूरो
पाई। अब की बार उन किसानों को अपनी सरसों व गेहूं की फसल बेचने में परेशानी आ सकती है, जिन्होंने अपनी फसल का ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन नहीं करवाया है। सरकार के द्वारा मेरी फसल, मेरा ब्यौरा के नाम से पोर्टल दिसंबर माह में चालू किया था और इसकी अंतिम तारीख 31 जनवरी थी, जिसको बाद में सरकार द्वारा बढ़ाकर 8 फरवरी तक कर दिया था। सरकार द्वारा रजिस्ट्रेशन इसलिए चालू किया गया था कि किसानों को शिकायत रहती थी कि मंडियों में प्रदेश के किसानों की फसल कम और व्यापारी दूसरे राज्यों से फसल कम मूल्य पर लाकर बेचते है। वहीं, मंडियों में उनको अपनी फसल बेचने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। व्यापारी खरीद की गई यह फसल हरियाणा के किसानों के नाम से बेचते हैं। जिस कारण से सरकार द्वारा प्रदेश के किसानों को उनकी फसल का ब्यौरा ऑनलाइन देने के लिये कहा गया है। इसी के आधार पर प्रदेश कि मंडियों में किसानों की सरसों व गेहूं की फसल की खरीद ऑनलाइन की जाएगी। सरकार के द्वारा पहले किसानों की फसल ऑनलाइन बेचने के साथ-साथ इसकी अदायगी भी किसानों के खाते में सीधे तौर पर करने का फैसला भी लिया गया था, लेकिन कुछ समय पूर्व प्रदेश की मंडियों सरकार के प्रति रोष देखते हुये सरकार ने यह फैसला तो वापस ले लिया था। अब ऑनलाइन रिकार्ड देखकर किसानों की फसल बेची जाएगी। जिस कारण से जिन किसानों ने द्वारा जितनी फसल का रजिस्ट्रेशन करवाया गया उतनी ही उसके नाम से बिक सकती है। सरकार द्वारा किसानों की सुविधा के प्रदेश भर में 1801802060 टोल फ्री नम्बर भी चालू किया हुआ है।