कांग्रेस ने बांगर की धरती में अपने सबसे बड़े ब्रह्मास्त्र का किया प्रयोग
- चार बार विधायक रह चुके हरियाणा व देश में कांग्रेस के बड़े नेताओं में शुमार रणदीप सुरजेवाला को उम्मीदवार बनाकर सभी को चौंकाया
- जींद, कैथल, कुरुक्षेत्र, पानीपत, यमुनानगर, अंबाला, पंचकूला, हिसार व करनाल सहित प्रदेश में अच्छी पैठ रखते हैं रणदीप सुरजेवाला
चुनावी तैयारियों के लिए हरियाणा में 50 से अधिक हल्कों में कर चुके हैं पिछले छह माह में रैलियां
नसीब सैनी
कैथल। जींद उप-चुनाव के लिए कांग्रेस पार्टी ने बांगर की धरती के अपने सबसे बड़े ब्रह्मास्त्र का प्रयोग कर सभी को चौंका दिया है। अपने राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी रणदीप सुरजेवाला को मैदान में उतार कर कांग्रेस ने बड़ा फैसला लिया है। सुरजेवाला परिवार द्वारा जींद जिले में कई दशकों तक राजनीति की गई। वहीं कैथल में भी पिछले डेढ़ दशक से सुरजेवाला परिवार बुलंदियों पर है। 4 बार विधायक रह चुके रणदीप सुरजेवाला पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला के खिलाफ ही 4 चुनाव लड़ चुके हैं। जिसमें उन्हें 2 बार जीत हासिल हुई थी। पिछले दो प्लान से सुरजेवाला कैथल विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे हैं और 22 व 23 हजार के बड़े भारी अंतर से चुनाव जीत रहे हैं।
चंडीगढ़ विश्वविद्यालय में छात्र राजनीति से राजनीति में प्रवेश करने वाले सुरजेवाला ने पहला विधानसभा चुनाव 1993 में नरवाना विधानसभा क्षेत्र से उप-चुनाव लड़ा था। जिसमें वे हार गए थे। इसके बाद वर्ष 1996 में फिर चुनाव लड़ा और ओमप्रकाश चौटाला के खिलाफ चुनाव लड़ते हुए विजयी हुए थे। अगला भी उन्होंने वर्ष 2000 में नरवाना विधानसभा क्षेत्र से लड़ा, लेकिन यह चुनाव वे हार गए थे। इसके बाद वर्ष 2005 में फिर उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला के खिलाफ चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। वहीं उनके पिता शमशेर सिंह सुरजेवाला ने कैथल से चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। बाद में रणदीप सुरजेवाला हरियाणा सरकार में कई विभागों में मंत्री रहे। अगला 2009 का चुनाव उन्होंने कैथल से लड़ा और 22 हजार से अधिक वोटों से विजय हासिल की। बाद में उन्हें हरियाणा सरकार में कई विभागों में मंत्री बनाया गया। इसके बाद वर्ष 2014 के विधानसभा चुनाव में भी वे कैथल से चुनावी समर में उतरे और जीत हासिल की। इसी बीच उन्हें कांग्रेस पार्टी का राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी बनाया गया। साथ ही कांग्रेस की संचालन कार्यसमिति का सदस्य व कई अन्य राष्ट्रीय समितियों का सदस्य भी बनाया गया है।
हरियाणा विधानसभा चुनाव का सेमीफाइनल होगा जींद चुनाव, तय होगा कई पार्टियों व नेताओं का भविष्य : जींद उप-चुनाव हरियाणा में विधानसभा चुनाव से पहले एक तरह सेमीफाइनल माना जा रहा है। काफी समय से जींद हरियाणा की राजनीति का केंद्र बिंदु बना हुआ था। उप-चुनाव की आहट से मामला रोचक बन रहा था। लेकिन स्थिति इस कदर रोमांचक होगी, किसी ने सोचा नहीं था। सामान्य सा लगने वाला उप-चुनाव अब प्रदेश के सभी दलों की नाक का सवाल बन गया है। अधिकतर दलों ने अपनी सबसे बड़ी चाल चल दी है, जिसके कारण सामान्य से असामान्य हुए इस चुनाव का नतीजा भी राजनीतिक तस्वीर बदलने का माद्दा रखेगा। अजय चौटाला ने अपने नवगठित पार्टी की पहली ही परीक्षा में अपने सबसे बड़े हथियार का प्रयोग कर दिया है। दिग्विजय के साथ-साथ पार्टी का भी भविष्य यह चुनाव तय करेगा। सबसे अधिक चौंकाने वाला निर्णय कांग्रेस पार्टी ने लिया है। कैथल के मौजूदा विधायक एवं राहुल गांधी के खासमखास माने जाने वाले रणदीप सुरजेवाला को उतार दिया है। पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी का आदेश कहें या सुरजेवाला का व्यक्तित्व, नामांकन पर ही पार्टी के सभी दिग्गज लंबे समय बाद एक साथ दिखे। यह संभवत: भारत की राजनीति का पहला अवसर है, जब एक मौजूदा विधायक को विधानसभा उप-चुनाव में उतारा गया है।
दिग्विजय चौटाला का युवाओं में विशेष चार्म : जजपा के दिग्विजय चौटाला भी जींद सहित प्रदेश के युवाओं में अच्छी खासी पैठ बना चुके हैं। कैथल में अपने संयोजन में इनसो का स्थापना दिवस मनाकर दिग्विजय अपनी काबिलियत साबित कर चुके हैं। संगठनात्मक क्षमता के चलते ही वे अपने भाई के साथ मिलकर प्रदेश में नई पार्टी का गठन कर ताल ठोंके हुए हैं। अब जींद उप-चुनाव में पहली बार चुनावी समर में उतर रहे दिग्विजय को देवी लाल परिवार के गढ़ रहे जींद जिला का अलग से लाभ मिलेगा।