शुगर मिल में चिप गड़बड़ी मामला: तीसरे स्तर की जांच के लिए नई एसआईटी का गठन
अमर उजाला एक्सक्लूसिव
- मिल के चार डायरेक्टर व एक अकाउंट ऑफिसर की 5 सदस्यीय एसआईटी मिल में उत्पादित चीनी, खोई व शीरा की मात्रा व जहां भेजा गया वहां की मात्रा का करेगी मिलान
- सोमवार देर शाम डीसी पहुंचे शुगर मिल, अधिकारियों के साथ किया मिल में लग रहे आरोपों पर विचार-विमर्श
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अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। शुगर मिल चिप घोटाले में अब तीन स्तर पर जांच चलेगी। एक जांच पुलिस द्वारा की जा रही है। दूसरी जांच एसडीएम द्वारा की जा रही है। अब तीसरी जांच डीसी द्वारा गठित मिल के डायरेक्टर्स व अधिकारी की एक एसआईटी द्वारा की जाएगी। किसानों के धरने को लेकर डीसी धर्मबीर सिंह ने सोमवार शाम शुगर मिल का दौरा किया। जहां उन्होंने मिल के अधिकारियों के साथ विचार-विमर्श करने के बाद नई एसआईटी गठित करने का फैसला लिया है। जो मिल में बनी चीनी, शीरे व खोई की उत्पादित मात्रा व बाहर जिस प्वाइंट पर उसे भेजा गया, उस जगह की मात्रा का मिलान कर कथित चिप घोटाले की जांच करेगी।
विदित रहे कि चिप गड़बड़ी मामले में किसान संघ द्वारा शुगर मिल के बाहर दिन-रात का धरना दिया जा रहा है। जिसके चलते जिला प्रशासन पर चिप गड़बड़ी मामले की जांच के लिए दबाव बना हुआ है। डीसी धर्मबीर सिंह सोमवार शाम मिल में पहुंचे। जहां उन्होंने पहले अधिकारियों व डायरेर्क्ट्स के साथ बैठक की। बैठक में एसआईटी गठित करने का फैसला लिया गया। एसआईटी में 4 डायरेर्क्ट्स व एक डिप्टी अकाउंट ऑफिसर को शामिल किया गया है। इसके बाद डीसी ने चीनी बनाने की पूरी प्रक्रिया देखी और कांटे के पास लगे सीसीटीवी कैमरों को भी देखा।
निरीक्षण के बाद डीसी ने कहा कि तथाकथित चिप घोटाले की जांच अब तीन स्तरों पर होगी। पुलिस द्वारा इस मामले की जांच अलग से की जा रही है। एसडीएम द्वारा भी की जा रही है और अब मिल की अपने स्तर पर एक एसआईटी का आधिकारिक तौर पर गठन कर दिया गया है। जो मिल में बने उत्पादों चीनी, शीरा व खोई की मात्रा व इस सामान को जहां भेजा गया, उस मात्रा का मिलान करेगी। जब यह बात सामने आ जाएगी कि चिप लगाने के कारण मिल को नुकसान हुआ है। तभी तो किसी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। व्यक्तिगत आरोप लगाना या फिर पुराने अधिकारियों व कर्मचारियों के तबादले जैसी मांगों को लेकर वे कुछ नहीं कर सकते। लेकिन किसानों की जायज सभी बातें सुनीं जाएंगी।
मिल के एमडी ने कहा कि 21 क्विंटल अधिक गन्ना तोले जाने के मामले में जांच पूरी हो गई है। उस मामले में कर्मचारियों की लापरवाही सामने आई थी। जिस किसान का नुकसान हुआ था, उसे पूरा कर दिया गया है। चिप मामले में जांच के बाद जब यह पता चल जाएगा कि किस व्यक्ति का दोष है और उसने किस मंशा से चिप लगाई है, उसी अनुसार उस कर्मचारी या अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
किसानों ने डीसी से की मांग, अधिकारियों को करें निष्कासित : दौरे के बाद डीसी धरना दे रहे किसानों से भी मिले। उन्होंने किसानों को आपकी बात जायज है। गड़बड़ी हो सकती है। मंगलवार को एसडीएम की जांच रिपोर्ट मंगवाकर विचार-विमर्श किया जाएगा। डीसी ने किसानों से आग्रह किया कि वे सर्दी को देखते हुए भूख हड़ताल व धरना स्थगित करें। लेकिन किसानों ने अधिकारियों के निष्कासन, गड़बड़ी के दोषियों की गिरफ्तारी तक आंदोलन खत्म न करने का ऐलान किया और कहा कि 120 बी के तहत मिल के अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाए। किसान संघ के नेता रणबीर फरल ने कहा कि अब किसानों का आंदोलन उग्र हो सकता है। जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
किसान संघ ने शुरू की भूख हड़ताल, पहले दिन दो किसान बैठे भूख हड़ताल पर
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अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। भारतीय किसान संघ के 12 दिन से चल रहे दिन रात के धरने पर सोमवार से किसान संघ ने भूख हड़ताल शुरू कर दी है। पहले दिन जगदीश सिंह आर्य निवासी खुराना और रमेश कुमार निवासी नैना ने भूख हड़ताल की। भारतीय किसान संघ के कार्यकर्ताओं ने सरकार व प्रशासन की आलोचना की किसानों की आवाज को वर्तमान सरकार दबा रही है सत्य की जीत हमेशा होती है, भारतीय किसान संघ की जीत होगी, क्योंकि संगठन तथ्यों के साथ ही शिकायत करता है। किसान चिप मामले में भूखे बैठे हैं। सरकार और प्रशासन कोई संवेदना नहीं दिखा रहे। अंधेरी नगरी चौपट राजा वाली बात साबित हो रही है। भूख अनशन पर बैठे किसानों ने किसान मामचंद निवासी पबनावा लखपत निवासी चूहड़ माजरा को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि हम न्याय लेकर रहेंगे चाहे कुर्बानी क्यों न देनी पड़े। प्रदेश प्रवक्ता रणदीप सिंह आर्य, जिलाध्यक्ष सतीश कुमार जिला उपाध्यक्ष राम मोहन, जिला उपाध्यक्ष पालाराम, सूरजभान, रमेश नैना, राजीव नैना, छोटा राम, क्योड़क, रकम सिंह गांव टीक, ऋषि पाल नैना, महेंद्र फतेहपुर, दीपक वालिया, प्रदीप नरड़ गुलाब नरड़, कुलविंदर, जरनैल, सनी वालिया, सुखदेव फतेहपुर, रामफल, फतेहपुर, महावीर, विक्रम क्योड़क, किसान रकम सिंह, मग्गर सिंह दयोरा मौजूद थे।