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ओएडीएफ घोषित गांव में 35 हजार की आबादी पर केवल दो ही सार्वजनिक शौचालय

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ओडीएफ घोषित गांव में 35 हजार की आबादी पर केवल दो ही सार्वजनिक शौचालय
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सीवन में बाजारों से लेकर बीपीएल घरों में शौचालयों का निर्माण हवा हवाई, जमीनी स्तर पर नहीं हुआ कोई कार्य
ग्रामीण सहित सामाजिक संगठन कर चुके है सुधार की मांग, स्थिति ज्यों की त्यों
खुले में शौच लाते हैं लोग..
अमर उजाला अभियान
फोटो नंबर-01 से 04
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। सीवन को सरकार ने दो वर्ष पहले ही पूरी तरह से ओडीएफ घोषित कर दिया है। लेकिन इसकी जमीनी हकीकत सच्चाई से काफी दूर है। यहां सार्वजनिक शौचालय ना के बराबर हैं। जिस कारण उन परिवारों में लोग खुले में शौच जा रहे हैं, जिनके घरों में शौचालय नहीं हैं। कहने को गांव में 1000 शौचालय भी लोगों के घरों में बनाए गए हैं। लेकिन फिर भी पूरे गांव की जरूरत अभी पूरी नहीं हुई है। एक भी बाजार ऐसा नहीं है जहां पर ग्राम पंचायत की ओर से कोई सार्वजनिक शौचालयों का निर्माण करवाया गया हो। सभी दुकानों में शौचालय की सुविधा नहीं हो सकती। ऐसे में दुकानदारों व यहां आने वाले ग्राहकों को काफी शौचालय में जाने के लिए काफी परेशानी झेलनी पड़ती है।
दुकानदार राजकुमार ने बताया कि सरकार ने स्वच्छता अभियान के तहत सबसे पहले शौचालयों पर कार्य करना शुरू किया था। जिसके तहत पूरे जिले को ओडीएफ घोषित किया गया है। लेकिन यहां पर बाजार में एक भी सार्वजनिक शौचालय नहीं बनाया गया है। जिससे काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
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कांग्रेसी नेता सुधीर मिड्डा ने बताया कि गांव में सार्वजनिक शौचालयों की एक बड़ी समस्या है। कई ऐसे इलाके है जहां पर खुले में शौच के कारण गंदगी का आलम है और बीमारियों का खतरा बना है। ओडीएफ घोषित होने के बाद भी यह हाल है। इसमें काफी दिक्कत है।
लोक सेवा मंच सीवन के प्रधान ओपी मुटरेजा ने बताया कि सिरटा रोड पर जो दो सार्वजनिक शौचालय बनाए गए हैं। उनकी हालत भी खस्ता है। टॉयलेट की सीट टूट चुकी है। गंदगी का आलम है और पानी की कोई व्यवस्था नहीं है। पटियाला रोड व मेन बाजार सहित अन्य तीन जगहों पर सार्वजनिक शौचालय बनाने को लेकर हमारी ओर से सरपंच, बीडीपीओ और डीसी को मांग पत्र दिए जा चुके है। लेकिन इस पर कोई सुनवाई नहीं हुई है। इसको लेकर सीएम विंडो लगा दी है। इस सीएम विंडो की शिकायत में ग्राम पंचायत ने फंड और जगह न होने की बात कही है।
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सार्वजनिक शौचालयों की मांग पर फंड आ चुका : सरपंच अमरेंद्र खारा ने बताया कि यह सच है कि फिलहाल गांव में केवल दो सार्वजनिक शौचालय है। लेकिन गांव में वर्तमान में आठ और जगहों पर शौचालयों का निर्माण कार्य जारी है। इसके अलावा बाजारों में चार जगहों पर सार्वजनिक शौचालयों की मांग पर फंड आ चुका है। इस पर जल्द ही निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।
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