घाटे वाले रूट पर बंद होगी बसों की नाइट सर्विस, लोगों की बढ़ेंगी परेशानियां
विभाग कर रहा है विचार, पहले ही सरकार ने बस चालकों और ड्राइवरों के ओवरटाइम कर दिया है खत्म
फोटो नंबर-01 व 02
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। सरकार की ओर से चालकों व परिचालकों का ओवरटाइम खत्म करने के फैसले के बाद अब परिवहन विभाग नाइट सर्विस को बंद करने पर विचार कर रहा है। नाइट सर्विस बंद होने के बाद कई गांवों में जाने वाले लोकल रूटों के यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ सकती है।
बता दें कि बसों की कमी के चलते पहले ही अधिकतर इन गांवों के लोगों को रात के समय जाते हुए और सुबह के समय आते हुए काफी कठिनाइयां होती हैं। यदि गांवों में जाने वाले रूटों पर बसों को विभाग बंद करता है तो जनता बेहाल हो जाएगी। इससे सबसे अधिक परेशानी गांव से आने वाले छात्र-छात्राओं को होगी।
वर्तमान में 20 से अधिक रूटों पर है नाइट सर्विस : ओवरटाइम की सुविधा के चलते रोडवेज चालक रात को अपने घर की ओर स्थित रूट पर बस लेकर चले जाते हैं और सुबह उसी क्षेत्र से बस लेकर बस अड्डे पर पहुंचते हैं। ऐसे 20 से अधिक रूटों पर 50 से अधिक बसें चला रखी है। जिसमें पंजाब से लेकर जींद, कुरुक्षेत्र व अंबाला तक के जिलों की सीमाओं में बसें जाती है। जिसमें पंजाब से लगते चीका, अरनौली, खरकां, सेरधा, मटौर, चौशाला, अंसध, संगतपुरा, सिरसल, टोहाना, करोड़ा, हजवाना, पिल्लूखेड़ा, पूंडरी सहित अन्य लोकल रूट शामिल हैं। इससे यात्रियों को एक तो रात को उस क्षेत्र में जाते समय बस मिल जाती है। दूसरा सुबह जल्दी उन्हें बस सुविधा मिल जाती है। लेकिन अब विभाग का कहना है कि इनमें से कई घाटे के रूटों को बंद करने पर विचार किया जा रहा है। शीघ्र ही कई रूटों पर नाइट सर्विस बंद हो सकती है।
रोटेशन आठ घंटे करने के लिए लंबे रूटों पर भी लागू होगी किलोमीटर स्कीम : ओवरटाइम खत्म होने के बाद अब विभाग की ओर से रोटेशन की समय आठ घंटे करने के लिए लंबे रूटों पर अब किलोमीटर स्कीम के तहत चालकों व परिचालकों से ड्यूटी करवाई जाएगी। जिसमें एक सीमित दायरे तक केवल आठ घंटो में ही ड्यूटी पूरी करने के उद्देश्य से इसे लागू किया जाएगा।
जनता को नहीं होने देंगे असुविधा : कैथल डिपो के जीएम रामकुमार भुक्कल ने बताया कि ओवरटाइम खत्म करने के फैसले के बाद अब रोटेशन के मुताबिक समय को एजस्ट करना है। जिसके तहत केवल उन्हीं रूटों पर नाइट सर्विस को बंद करने का विचार किया जा रहा है, जो अनावश्यक हैं और यहां पर विभाग को काफी कम आमदनी है। लेकिन जनता को परेशानी नहीं आने दी जाएगी।