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नगर पालिका अध्यक्षा के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव आज

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नगर पालिका चेयरपर्सन के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव आज, हाईकोर्ट की रहेगी पैनी नजर
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पालिका अध्यक्ष अमनदीप ने लगाई उच्च न्यायालय में गुहार
26 को ही करवा लो मीटिंग, फिर मातृत्व अवकाश के कारण कई महीने नहीं होंगी उपलब्ध
इलाके भर में चर्चा का विषय बना अविश्वास प्रस्ताव, भारी भीड़ जुटने की
आशंका से प्रशासन ने मांगा पुलिस बल
अमर उजाला ब्यूरो
गुहला-चीका। नगर पालिका चीका में चेयरपर्सन अमनदीप शर्मा के खिलाफ बुधवार को लाए जा रहे अविश्वास प्रस्ताव की बैठक पर पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय की पैनी नजर रहेगी। अमनदीप शर्मा ने बैठक को स्थगित किए जाने की आशंका जताते हुए हाईकोर्ट में एक अपील दाखिल की थी। हाईकोर्ट के जज महेश ग्रोवर व महाबीर सिंह सिंधु की खंडपीठ ने त्वरित सुनवाई करते हुए कहा कि चूंकि मीटिंग अभी होनी है, इसलिए मात्र आशंका पर कोर्ट कुछ नहीं कर सकता। अदालत ने मीटिंग के परिणाम का इंतजार करने की बात कहते हुए मामले की अगली सुनवाई के लिए 28 तारीख का दिन तय कर दिया है। हाईकोर्ट में मामला जाने के बाद जिला प्रशासन पर बुधवार की पालिका मीटिंग को लेकर दबाव बढ़ गया है। ऐसी स्थिति में लाख राजनीतिक दबाव के बावजूद बिना किसी बड़े और ठोस कारण के प्रशासन द्वारा मीटिंग को स्थगित कर पाना संभव नहीं होगा।
गौरतलब है कि दो दिन पहले भी अमनदीप शर्मा गुट की पार्षद रिंपल रानी ने भी डीसी कैथल को एक पत्र लिखकर कहा था कि विपक्षी पार्षद चूंकि अविश्वास प्रस्ताव के लिए पर्याप्त पार्षद संख्या का जुगाड़ नहीं कर पाए हैं। इसलिए वे 26 की मीटिंग रद्द करवाने के लिए अपने राजनीतिक संबंधों का इस्तेमाल कर सकते हैं। रिंपल रानी ने कहा था कि 26 की मीटिंग को आगे सरकाना विपक्ष को हार्स ट्रेडिंग का अवसर देगा और यह लोकतांत्रिक मूल्यों का हनन होगा।
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अध्यक्ष ने ये कहा याचिका में : पालिका अध्यक्ष अमनदीप कौर ने हाईकोर्ट में दायर की अपनी याचिका में अविश्वास प्रस्ताव की बैठक 26 को ही निपटाए जाने को लेकर दो तर्क दिए थे। उन्होंने कहा कि वे 5 जुलाई 2016 को 17 में से 10 पार्षदों के समर्थन के साथ नगर पालिका पालिका में मौजूद थी। उन्हें सर्वसम्मति से अध्यक्ष चुन लिया गया था। लेकिन सहायक पीठासीन अधिकारी तत्कालीन तहसीलदार के बैठक में मौजूद होने के बावजूद तत्कालीन एसडीएम गुहला ने फोन पर ही अपने बीमार हो जाने की सूचना देकर बैठक स्थगित करने के आदेश दे दिए थे। अमनदीप ने कहा कि इस बार भी प्रशासन इसी तरह का रवैया अपना सकता है। दूसरा कारण बताते हुए अमनदीप शर्मा ने कहा कि वे गर्भवती हैं और सितंबर के आखिरी दिनों में उनकी डिलीवरी संभावित है। इसलिए अगर बैठक स्थगित की गई तो फिर वे कई महीनों तक पालिका की कार्रवाई में भाग लेने में समर्थ नहीं हो पाएंगी। अमनदीप ने कहा कि संविधान में आर्टिकल 21 के तहत मां व नवजात की जीवन रक्षा के लिए 14 सप्ताह के मातृत्व अवकाश का प्रावधान है।
मीटिंग पर इलाके भर की नजर : गुहला में राजनीतिक रूप से अति महत्वपूर्ण समझी जाने वाली बुधवार की पालिका बैठक पर इलाके भर की नजर है। सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं से मीटिंग में सै कड़ों लोगों के जुटने का भी अनुमान लगाया जा रहा है। गुहला प्रशासन ने जिला पुलिस से सुरक्षा व्यवस्था कायम रखने के लिए कम से कम 150 पुलिस के जवानों की मांग की है।
कोई पार्षद शहर में नहीं : बुधवार को अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान होना है लेकिन मंगलवार शाम तक पालिका अध्यक्ष के अलावा किसी भी पक्ष का कोई भी पार्षद शहर में नजर नहीं आया। हालांकि विपक्षी पार्षदों के नेता शीश पाल जिंदल ने फोन पर दावा किया कि वे बुधवार की मीटिंग में आएंगे और अविश्वास प्रस्ताव भी हर हाल में पास होगा।

इस संबंध में जब एसडीएम गुहला से कल की मीटिंग होने या ना होने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कोई भी स्पष्ट जवाब देने से इन्कार कर दिया। उन्होंने कहा कि वेट एंड वाच। जो भी होगा कल सुबह होगा।
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डीसी धर्मवीर सिंह ने कहा कि हाईकोर्ट जाने के संबंध में उन्हें कोई जानकारी नहीं है। बैठक एसडीएम गुहला द्वारा ली जानी है। अभी तक बैठक निश्चित है। इससे ज्यादा उन्हें जानकारी नहीं है।
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