अभी हमें और अधिक संख्या में बनाने होंगे स्कूल : महेंद्र लाल
गांव कुतुबपुर में की गई डॉ. आंबेडकर पुस्तकालय की शुरुआत
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। गांव कुतुबपुर में डॉ. भीम राव आंबेडकर पुस्तकालय व निशुल्क संध्याकालीन स्कूल की शुरुआत पूर्व डीजीपी हरियाणा महेंद्र लाल ने की। महेंद्र लाल ने कहा कि शिक्षा का दान महादान है और बाबा साहब ने भी शिक्षित बनो का नारे को पहले रखा था। हमें समाज की भलाई के लिए शिक्षा के मंदिर बनाने होंगे। जो लोग आरक्षण का विरोध करते हैं, वह शायद नहीं जानते की दलितों को कितनी ही सदियों तक शिक्षा से दूर रखा गया। लेकिन वही दलित आज शिक्षित होकर दूसरे बच्चों को शिक्षा दे रहे हैं।
कार्यक्रम की अध्यक्षता रिटायर्ड सूबेदार भाग सिंह प्रजापति ने की।
विधि विभाग कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से मुख्य वक्ता अजित सिंह चहल ने अपने कहा कि जहां एक और देश में मंदिरों की संख्या बढ़ रही है। उसी प्रकार हमें भी शिक्षा के मंदिर तेजी से बनाने होंगे। हमे इसी प्रकार पुस्तकालयों एवं स्कूलों एवं कोचिंग सेंटरों का इंतजाम करना होगा। जहां पर बच्चे मुफ्त में शिक्षा प्राप्त कर सकें।
विशिष्ट अतिथि डॉ. प्रीतम मेहरा कौलेखां ने आए हुए मेहमानों से कहा कि एससीएसटी समाज के पास अपने बच्चों को पढ़ाने के लिए महंगे स्कूलों की फीस नहीं है और न ही ट्यूशन पर खर्च करने को पैसा है। जिनके पास जमीन जायदाद और पैसा है, वह अपने बच्चों को ऐसी सुविधाएं दे सकते हैं। लेकिन दलित समाज के बच्चे सुविधाओं के अभाव में भी शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू रहे हैं। इस अवसर पर पुस्तकालय संस्थापक शुभेंदू मेहरा, डा. पृथ्वी सिंह बामणिया, मधुवन पुलिस एकेडमी से सब इंस्पेक्टर मलकीत भुक्कल, बीएसएनएल सुप्रीडेंट चंद्रभान जांगड़ा, लेक्चरर मास्टर प्रकाश चंद, फूल सिंह गौतम, डॉ. रमेश माथुर, मास्टर मनोज पंवार, कंप्यूटर लेक्चरर दिल्ली से अनिल सिरोही, लाइब्रेरियन अमित बामणिया, रामेश्वर फौजी, रेखा रानी, रोहताश मेहरा, दीपक भेरो, नौजवान भारत सभा से अजय सहित अन्य साथी मौजूद रहे।
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