आंदोलन के लिए एक घंटे का होगा अल्टीमेटम, रहना तैयार
12 अगस्त को रोहतक में प्रदेश स्तरीय भाईचारा सम्मेलन में तैयार की जाएगी आंदोलन की रुपरेखा
अबकी बार समझौते से नहीं मांगो के पूरा होने पर समाप्त होगा आंदोलन
फोटो नंबर-35
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। अंबाला रोड पर स्थित आरकेएम पैलेस में शनिवार को जाट आरक्षण संघर्ष समिति की ओर से भाईचारा सम्मेलन आयोजित किया गया। जिसमें समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक ने मुख्यातिथि के रूप में शिरकत की। इसके साथ अशोक बल्हारा व सुरेंद्र मच्छरौली विशिष्ट अतिथि रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता समिति के प्रदेश उपाध्यक्ष बलवान कोटड़ा ने किया और मंच संचालन जिला प्रधान प्रवीन किच्छाना ने किया। बैठक में जिले से आए जाट समाज के लोगों ने बढ़ चढ़कर भाग लिया।
बैठक के दौरान यशपाल मलिक ने सरकार द्वारा समझौतों को लागू न करने पर आरक्षण के लिए दोबारा आंदोलन शुरू करने पर विचार किया। मलिक ने कहा कि आरक्षण आंदोलन के सफल न होने का कारण स्वयं उनके साथ उन्हीं की कौम का साथ न देना है। समाज में ही कुछ जाट राजनेताओं के कारण फूट डाली है, जिससे आंदोलन सफल नहीं हो पा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में भाईचारे को समझ उसे तत्पर रूप से कायम करने के उद्देश्य से कैथल से भाईचारे सम्मेलन की शुरुआत की है जो प्रदेश के विभिन्न जिलों में 12 अगस्त तक लगातार यह सम्मेलन अयोजित किए जाएंगे। अंतिम सम्मेलन 12 अगस्त को रोहतक में आयोजित होगा, जिसमें जाट आरक्षण को लेकर संघर्ष की रूपरेखा तैयार की जाएगी। जिसके बाद 16 अगस्त को दोबारा आरक्षण के लिए आंदोलन शुरू होगा। मलिक ने कहा कि इस बार सरकार के समझौतों से नहीं बल्कि मांगों के पूरा होने के बाद ही आंदोलन को समाप्त किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जाट समाज के लोगों से अह्वान है कि इस बार वे केवल एक घंटे के अल्टीमेटम पर ही तैयार रहे। कभी भी रोहतक में बुलाया जा सकता है। सैनी के जाट बाहुल्य क्षेत्र में दलितों द्वारा सम्मेलन में बुलाए जाने पर मलिक ने कहा कि सैनी को वही लोग बुलाते हैं, जो समाज में भाईचारे को तोड़ने का कार्य करते हैं। लेकिन जब भाजपा सत्ता से बाहर हो जाएगी तो आंदोलन में हुई हिंसा प्रकरण की दोबारा जांच होने पर सच्चाई अपने आप सामने आ जाएगी। इस मौके पर वामसेफ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरेश द्रविड़, मास्टर अजमेर सिह, मिया सिह जाजनपुर सहित अन्य मौजूद रहे।
ओपी धनखड़ ने सीएम बनने के लालच में रिश्तेदार के माध्यम से हरियाणा को जलाने की शुरुआत की थी
मलिक का कैप्टन पर वार, बोले, अगर कैप्टन हुड्डा के खिलाफ करवाए कोठी जलवाने की एफआईआर
फोटो नंबर-34
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। शनिवार को कैथल में आयोजित भाईचारे सम्मेलन में अखिल भारतीय संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने भाजपा के मंत्रियों पर कड़ा प्रहार किया। मलिक ने कृषि मंत्री पर तंज कसते हुए कहा कि जब वर्ष 2016 में जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान हिंसा हुई तो इसमें ओपी धनखड़ ने सीएम बनने की लालच में पर्दे के पीछे से हरियाणा को जलाने का कार्य किया। क्योंकि फरवरी 2016 के आरक्षण आंदोलन से पहले ही कृषि मंत्री के एक रिश्तेदार ने खापों को इकट्ठा कर संघर्ष समिति को बनाने का कार्य किया। जिसके बाद यह आंदोलन हुआ। आंदोलन में हिंसा के समय तो वह शामिल ही नहीं था। कैप्टन अभिमन्यू द्वारा पूर्व सीएम भूपेंद्र सिह हुड्डा पर उसकी कोठी जलवाने के आरोप पर मलिक ने कहा कैप्टन हुड्डा के खिलाफ एफआईआर करवाए। सैनी को आरएसएस संगठन ने समाज को तोड़ने के कार्य में लगाया।
मीडिया वही करती जो उनके संस्थान कहते हैं : यशपाल मलिक ने प्रेसवार्ता के दौरान मीडिया पर सवाल खड़े किए। जिसमें उन्होंने कहा कि कुछ मीडिया चैनल व अन्य प्रतिष्ठानों के मीडिया कर्मी समिति से वहीं सवाल करते हैं जो उन्हें उनके संस्थान पूछने के लिए कह देते हैं। मीडिया उस समाचार को बढ़ावा नहीं देती जहां शांतिपूर्ण धरना या प्रदर्शन किया जा रहा होता है। वे केवल हिंसा व दंगों के समाचार को प्रमुखता देता है।