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चीका में अमर उजाला की नशा विरोधी की मुहीम को मिला बल

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सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना चीका में स्मैक बिक्री का धंधा
:चीका में अमर उजाला की नशा विरोधी की मुहिम को मिला बल
पुलिस-प्रशासन की कार्रवाई को लेकर उठ रहे हैं सवाल


अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। अमर उजाला द्वारा गुहला-चीका क्षेत्र में बिक रहे नशे के खुलासे के बाद कई लोग इस मुहीम से जुड़ने के लिए आगे आए हैं। लोगों की मांग है कि प्रशासन नशे के खिलाफ इस मुहिम में त्वरित कार्रवाई करे। ताकि एक पूरी की पूरी पीढ़ी को बचाया जा सके। लोग तो इस कारोबार के पीछे देशविरोधी ताकतों का हाथ बता रहे हैं। जो पंजाब से होकर अब हरियाणा में गुहला-चीका के माध्यम से प्रवेश कर चुका है। जहां 10 साल से लेकर 30-40 साल तक के युवा, व्यक्ति नशे की लत का शिकार होकर तिल-तिल कर मरने को मजबूर हैं।
एडवोकेट सुखचैन सिंह थिंद हों या वरिष्ठ अधिवक्ता जयप्रकाश बलबेहड़ा, केमिस्ट दुकान संचालक डॉ. सुरेंद्र बंसल, गांव खरकां से युवा अंग्रेज सिंह, संजीव कुमार सहित तमाम लोग, जो नशे की लत के कारण गुहला-चीका क्षेत्र में हर रोज परिवारों को उजड़ता देख रहे हैं। वे इस धंधे की समाप्ति चाहते हैं। भाजपा नेता ईश्वर अत्री ने समाज के लोगों से अपील की है कि नशे के विरोध में समाज के लोग राजनीतिक दलों से ऊपर उठकर एक बैठक बुलाएं। जिसमें इस संबंध में ठोस निर्णय लिया जा सके।
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अधिवक्ता सुखचैन सिंह थिंद व अधिवक्ता जयप्रकाश बलबेहड़ा ने कहा कि पूरा क्षेत्र इस समय स्मैक व दूसरे नशों की गिरफ्त में है। इस पर तुरंत रोक लगनी चाहिए। हालात ये हो गए हैं कि नशे के आदि युवाओं को संभालने में कई परिवार अब सक्षम नहीं रह गए हैं। इसीलिए सरकार इस क्षेत्र में विशेष अभियान चलाकर नशा विरोधी कदमों को सार्थक बनाए।
10 से 30 साल की युवा ब्रिगेड को खोखला कर रहा है नशा: कल्लरमाजरा के पूर्व सरपंच अमरजीत ने कहा कि गुहला में स्मैक सहित अन्य नशों की स्थिति ने सीमा को पार कर दिया है। प्रशासन व नेताओं की अनदेखी के कारण यह समस्या लगातार बढ़ती जा रही है। खुफिया तंत्र हो या पुलिस-प्रशासनिक मशीनरी द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जा रही। रोकथाम नहीं होने के कारण यह लगातार बढ़ती जा रही है।
खबर छपने के बाद पुलिस ने बुलाया था, लेकिन बड़ी कार्रवाई अभी तक नहीं: गांव खरकां में नशे का विरोध कर रहे युवाओं को अमर उजाला में प्रकाशित हुई खबर के बाद पुलिस ने बुलाया और बताया कि पुलिस किस तरह से स्मैक व दूसरे नशा बेचने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है। इन युवाओं ने बताया कि जब तक बड़ी कार्रवाई नहीं हो जाती, तब तक यहां स्मैक का प्रचलन बढ़ता जाएगा। अभी भी गांव में लोग स्मैक पी रहे हैं। परिवार परेशान हैं। नशे के कारण गांव में एक नौजवान युवक की मौत हो गई है। हालांकि वह पहले नशा करता था। बताया जा रहा है कि बाद में हार्ट अटैक से उसकी मौत हुई। लेकिन यदि स्थिति को काबू नहीं किया गया तो गांव में कई सारे युवा बेमौत मारे जाएंगे।
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गुहला हल्के से नशे का कारोबार हो खत्म पुलिस उठाये कड़े कदम: पार्षद प्रतिनिधि सलिंद्र वाल्मीकि ने कहा कि नशे ने युवा पीढ़ी को खत्म कर दिया है। नशे का सरे आम बिकना पुलिस प्रसाशन की जिम्मेवारी पर प्रश्नचिन्ह अंकित करता है। आज अपने घर के सदस्यों को ही नशे से दूर रखना बड़ी चिंता की बात हो गई है। जल्द ही नशे के खिलाफ योजनबद तरीके से एक अभियान चलाया जाएगा।
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