शुगर मिल में घोटाले की शिकायत मामले में अब कमेटी करेगी जांच
किसानों ने जिला उपायुक्त को 4 करोड़ 64 लाख के घोटाले की शिकायत दी थी
शुगर मिल एमडी ने प्रेस कान्फ्रेंस करके कहा-यदि कोई सुबूत हैं तो किसान दें, कार्रवाई होगी
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। चीनी मिल में एक ही सीजन में रिपेयरिंग में खर्च हुए 4 करोड़ 64 लाख रुपये की राशि में घोटाले के आरोपों की जांच के लिए एडीसी ने कमेटी का गठन किया है। दो दिन में यह कमेटी रिपोर्ट देगी। इससे पूर्व वीरवार को किसानों और मिल के एमडी ने अलग-अलग ढंग से अपने-अपने पक्ष रखे।
सुबह किसान शुगर मिल में मरम्मत के नाम पर एक ही सीजन में खर्च किए गए 4 करोड़ रुपये से अधिक की राशि के मामले में जांच की मांग के लिए ज्ञापन दिया। डीसी ने मामले की जांच एडीसी पार्थ गुप्ता को सौंपी। एडीसी ने इसके बाद मिल में जाकर मिल प्रबंधक सहित किसानों के साथ बैठक की।
बैठक में एडीसी पार्थ गुप्ता ने निर्देश जारी किए कि 4 करोड़ रुपये की मरम्मत कार्यों की खर्च में जो गड़बड़ी के आरोप हैं। उनकी जांच के लिए कमेटी का गठन किया जाएगा। इसमें तहसीलदार, शुगर मिल का कर्मचारी सीडीओ रामपाल व जिला कृषि उप-निदेशक महावीर सिंह को शामिल किया गया है। यह कमेटी दो दिन में अपनी रिपोर्ट देगी। कमेटी की ओर से मिल के क्षेत्र में आने वाले गन्ने का सर्वे किया जाएगा।
मिल के डायरेक्टर को सुनाई खरी-खरी
किसान संघ के जिला अध्यक्ष गुल्तान सिंह नैना, प्रदेश प्रवक्ता रणदीप आर्य, श्रीराम मोहना, पाला राम क्योड़क, विक्रम क्योड़क, राजीव नैना, शीशपाल खुराना, दयाल खुराना, धर्मबीर खुराना, महावीर धौंस, बलविंद्र खुराना, बलवान बलवंती, राजेश बलवंती, सुरजीत बलवंती, मियां सिंह, ऋषिपाल नैना, कृष्ण सिसला, निशान सिंह, राजमल नैन आदि मौजूद रहे। बैठक के दौरान एक-दो मिल के डायरेक्टर जब किसानों का पक्ष ना लेते दिखाई दिए तो किसानों ने उन्हें खूब खरी-खरी सुनाई और कहा कि आप किसानों के लिए डायरेक्टर बने हो। आपको किसानों की बात करनी चाहिए।
नकली पर्ची पर नहीं मिला अधिकारियों को कोई जवाब
एक किसान ने बताया कि जब एडीसी मामले की जांच कर रहे थे तो मौके पर ही एक गन्ने की पर्ची दिखाई गई। इस पर एडीसी व मिल अधिकारियों के पास कोई जवाब नहीं था। यह जानकारी गुल्तान सिंह नैना ने दी।
मिल प्रबंधक ने पत्रकारों को बुलाकर कहा-गड़बड़ी है तो सुबूत दें किसान
कैथल। सहकारी चीनी मिल्स के प्रबंध निदेशक विरेंद्र चौधरी ने कहा कि मिल में 4 करोड़ रुपये के खर्च को लेकर लगाए गए आरोपों के मामले में यदि किसानों के पास कोई सुबूत है तो दें। उन्हें संतुष्ट किया जाएगा। मिल द्वारा सभी किसानों का पूरा गन्ना लिया जाएगा। यदि आवश्यक हुआ तो मिल को 20 मई के बाद भी चलाकर किसानों के एक-एक गन्ने की पिराई की जाएगी। मिल प्रबंधन द्वारा मिल की प्रतिदिन पिराई क्षमता को 2500 क्विंटल और बढ़ाया गया है तथा ज्यादा गन्ने को मद्देनजर रखते हुए ढाई लाख क्विंटल गन्ना 20 अप्रैल के बाद शाहाबाद मिल में भेजा जाएगा। चीनी मिल में गन्ने की पर्चियों की पारदर्शी प्रणाली अपनाई गई है। तकनीकी कमियों से 160 घंटे चीनी मिल का कार्य बाधित हुआ है। चीनी मिल द्वारा 35 लाख 23 हजार 800 क्विंटल गन्ने की पिराई करके 10 प्रतिशत से अधिक रिकवरी दर से 3 लाख 53 हजार 650 क्विंटल चीनी का उत्पादन किया गया है। मिल द्वारा प्रतिदिन 25 हजार 500 क्विंटल गन्ने की पिराई करके 2800 क्विंटल चीनी का उत्पादन किया जा रहा है।
मिल की क्षमता 2500 क्विंटल बढ़ाई
मिल की क्षमता को 2500 क्विंटल बढ़ाया गया है। अगले वर्ष भी मिल की पिराई क्षमता को 3500 क्विंटल और बढ़ाया जाएगा। लगभग 77 प्रतिशत का भुगतान किया जा चुका है। मिल क्षेत्र में 21 हजार एकड़ में गन्ने की बिजाई की गई है। इस वर्ष लगभग 5 लाख क्विंटल गन्ना अधिक है। मिल प्रबंधन की ओर से ढाई लाख क्विंटल गन्ना शाहाबाद मिल को भेजने के प्रबंध किए जा रहे हैं। अन्य ढाई लाख क्विंटल अतिरिक्त गन्ने की पिराई स्वयं मिल की ओर से की जाएगी। यह सत्र 20 मई तक चलेगा। इस अवसर पर चीनी मिल के निदेशक मंडल में शमशेर सिंह, जितेंद्र कुमार, जोगिंद्र सिंह, दिवान चंद, सुभाष तथा मिल स्टाफ में कैलाश चंद्र, एए सिद्दकी, केके तिवारी और रामदिया श्योकंद उपस्थित रहे।
एडीसी और मिल प्रबंधक ने नहीं उठाए फोन, बार-बार बजती रही घंटी
एडीसी पार्थ गुप्ता को कार्यालय में लैंडलाइन पर फोन करने पर भी बात नहीं हुई। जब उनके मोबाइल पर फोन किया गया तो भी उन्होंने फोन नहीं उठाया। इसी प्रकार से मिल के प्रबंधक को भी पर्चियों पर जांच कमेटी के बारे में जानकारी के लिए फोन किया गया तो उन्होंने फोन नहीं उठाए।
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एडीसी ने जो रिपोर्ट दी है, उसके अनुसार दो दिन में मामले की जांच के लिए कमेटी का गठन किया गया है। कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर अगली कार्रवाई होगी।
-सुनीता वर्मा, जिला उपायुक्त