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नगर परिषद व बिजली निगम हिसाब-किताब में उलझे..लोग अंधेरे में कर रहे हैं पार्कों में सैर

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कमल कुमार
कैथल। शहर में नगर परिषद व बिजली विभाग के आपसी लेन-देन के मामले का समाधान ना होने का खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है। बिजली निगम का दावा है कि परिषद ने 2015 के बाद से नियमित बिल नहीं भरे हैं। परिषद की ओर साढ़े तीन करोड़ रुपया बकाया है। जबकि नगर परिषद के अधिकारियों का कहना है कि 3 करोड़ रुपये से अधिक की राशि टैक्स में से बकाया है। बिजली निगम ने चिल्ड्रन पार्क व जवाहर पार्क के बिजली कनेक्शन काट दिए हैं और दावा किया जा रहा है कि यदि बिल नहीं भरा गया तो शहर की 24 कालोनियों में स्ट्रीट लाइटों के बंद होने से अंधेरा छा जाएगा।

दो पार्कों का बिल न भरने पर काटा कनेक्शन : शहर की सुंदरता को बढ़ाने के उद्देश्य से डीसी ने दौरा कर यहां पर स्थिति को सुधारा था। जिसके बाद यहां फव्वारों व स्पीकरों सहित सभी लाइटें ठीक हुई थी। लेकिन कुछ ही महीनों बाद विभाग द्वारा बिजली का बिल न भरने पर बिजली विभाग ने दोनों को पार्कों का कनेक्शन काटा गया है। निगम एसई नीरज शर्मा ने बताया कि पहले भी चिल्ड्रन पार्क का दो बार बिल न भरने पर कनेक्शन काटा गया था। डीसी के आदेशों पर लाइट को चालू करवाया। लेकिन परिषद ने इसका बिल नहीं भरा और वर्तमान में नौ लाख रुपये बकाया है। इसके साथ ही चार महीनों का जवाहर पार्क का बिल भी करीब तीन लाख रुपयेे है। उन्होंने कहा कि बिल नहीं भरा तो विभाग को कनेक्शन काटना पड़ा। शर्मा ने बताया कि रिकार्ड के मुताबिक परिषद ने पिछले दो वर्षों में केवल 20 लाख रुपये का भुगतान किया है। परिषद पर सिर्फ स्ट्रीट लाइटों के 1.71 लाख रुपये सिटी वन के क्षेत्र और 1 करोड़ 14 लाख रुपये सिटी टू क्षेत्र के बकाया हैं।
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अधिकतर कॉलोनी में डिफाल्टर हुआ परिषद : बिजली विभाग से मिली जानकारी के अनुसार कैथल सिटी वन और सिटी दो में एक एक करोड़ रुपये से अधिक बिल बिजली विभाग पर बकाया है। इसमें सबसे अधिक बिल स्ट्रीट लाइटों का है। जानकारी के अनुसार सिटी दो के क्षेत्र में 24 कॉलोनियों में सभी कॉलोनियां डिफॉल्टर हैं। यदि यहां बिल नहीं भरा गया तो इन कालोनियों की स्ट्रीट लाइटें भी बंद हो सकती हैं।

वहीं ईओ विक्रम सिंह ने कहा कि सरकार ने परिषद को बिजली के बिलों में 5 प्रतिशत छूट देने का फैसला किया था। लेकिन उसे घटाकर दो प्रतिशत कर दिया गया है। जिस कारण परिषद का सही तरीके से बिजली विभाग से लेन देन का हिसाब नहीं हो पाया है। ईओ ने बताया कि परिषद ने 4.50 करोड़ रुपये से अधिक का सरकारी विभागों का बकाया है। अकेले निगम की ओर करीब 3 करोड़ रुपये से अधिक का बकाया है।
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शहरवासी पवन शर्मा, पुनीत कुमार ने कहा कि पिछले कई दिनों से जवाहर पार्क व चिल्ड्रन पार्क में लाइटें बंद पड़ी हुई हैं। जिस कारण काफी परेशानी होती है। अधिकारियों को इस ओर ध्यान देना चाहिए। ताकि लोगों को दिक्कतें ना हों।


प्रस्तावित लीड
फ्लैग- नगर परिषद व बिजली निगम हिसाब-किताब में उलझे, लोग अंधेरे में कर रहे हैं पार्कों में सैर
हेडिंग- बिजली निगम ने जवाहर पार्क और चिल्ड्रन पार्क का कनेक्शन काटा
-15 दिन में बिजली बिल नहीं भरा तो शहर की 24 कालोनियों की स्ट्रीट लाइट भी हो जाएंगी बंद
- बिजली निगम का कहना है कि साढ़े तीन करोड़ के बिजली बिल बकाया
- नगर परिषद का दावा-3 करोड़ से अधिक की राशि टैक्स की निगम की ओर बकाया

फोटो नंबर-39 से 42
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