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बच्चों ने खटखटाया हाईकोर्ट का दरवाजा

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बच्चों ने खटखटाया हाईकोर्ट का दरवाजा
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अमर उजाला ब्यूरो
कलायत। हरियाणा में सरकारी स्कूलों की स्थिति इतनी दयनीय है कि स्कूली बच्चों को टूटी हुई कक्षा की इमारत से अपनी जान की रक्षा के लिए व अनिवार्य विषयों के अध्यापकों की मांग को लेकर हाईकोर्ट की शरण लेनी पड़ी है।
गांव बालू के सरकारी स्कूल में जान-माल की सुरक्षा व अध्यापकों की मांग को लेकर बच्चों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। कक्षा छठी से दसवीं तक के सात छात्रों अमरजीत, अभिषेक, सौरभ, अजय, मंदीप, सावन, विकास ने अपने वकील प्रदीप रापड़िया के माध्यम से हाई कोर्ट के सामने इस मामले में गुहार लगाई है। छात्रों का कहना था कि संविधान के अनुच्छेद 21 (ए) के अंतर्गत बच्चों को निशुल्क व अनिवार्य शिक्षा का मौलिक अधिकार दिया गया है। गिरने की कगार पर पहुंचे कक्षा रूम व बिना अध्यापकों के यह मौलिक अधिकार किसी काम का नहीं है। छात्रों के वकील प्रदीप रापड़िया ने हाई कोर्ट को बताया कि कई साल से कक्षा की इमारत को कंडम घोषित किया हुआ है। आधे से ज्यादा सेशन बीत जाने के बाद भी स्कूल में विज्ञान व मैथ जैसे अनिवार्य विषयों के लिए भी अध्यापक उपलब्ध नही हैं। उन्होंने कहा कि स्कूल के 45 से अधिक बच्चों ने पत्र लिखकर मौलिक शिक्षा निदेशक व जिला शिक्षा अधिकारी को भी मामले से अवगत करवाया हुआ है। बच्चों के वकील की बहस सुनाने के बाद हाई कोर्ट के न्यायाधीश राकेश जैन ने हरियाणा सरकार को फटकार लगाते हुए सरकारी स्कूलों की स्थिति पर चिंता प्रकट की। उन्होंने मुख्य सचिव को हिदायत दी कि वो एफिडेविट दायर करके कोर्ट को बताएं कि पूरे हरियाणा के सरकारी स्कूलों में अध्यापकों के कितने पद खाली हैं। स्कूलों में पीने के पानी व शौचालय की क्या सही व्यवस्था है। कैथल के जिला शिक्षा अधिकारी व बालू स्कूल के प्रिंसिपल को भी नोटिस जारी करते हुए 23 अक्टूबर से पहले बालू स्कूल के संबंध में याचिका का जवाब देने को कहा गया है।
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खंड शिक्षा अधिकारी महेश चंद्र ने बताया कि स्कूल के भवन को पहले से ही कंडम घोषित किया जा चुका है। कंडम भवन में बच्चों को नही बैठाया जाता। फरवरी माह में भवन के मलबे की बोली लगाई जानी थी जो अभी तक नहीं लग पाई है।
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स्कूल की बिल्डिंग और वहां अध्यापकों के खाली पदों को लेकर विभाग को सूचित किया जाएगा। पहले भी इस तरह की जानकारी भेजी जाती रही है। इस स्कूल की जो भी समस्या है उसका समाधान कराया जाएगा।
शमशेर सिंह सिरोही, जिला शिक्षा अधिकारी, कैथल


हाईकोर्ट ने पूछा पूरे हरियाणा के सरकारी स्कूलों में कितने पद हैं खाली
स्कूल में न सुरक्षित इमारत, न अध्यापक यह कैसा शिक्षा का मौलिक अधिकार
फोटो नंबर- 33
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