कैथल। लोकसभा चुनाव में आचार संहिता के कारण जिला परिषद में कई विकास कार्य रुके हुए थे परंतु अब इसके रफ्तार पकड़ने की उम्मीद है। परिषद की ओर से जिले के सभी 21 वार्डों में आने वाले गांवों में 208 विकास कार्याें की सूची बनाई गई है, जिस पर करीब 50 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इन कार्यों के लिए कागजी कार्रवाई पूरी होते ही निविदा सूचना जारी की जाएगी। विकास कार्याें में गली, चौपाल और सड़क निर्माण सहित कई अन्य विकास कार्य शामिल हैं।
जिले के कई गांवों में गलियों और नालियों सहित चौपाल का निर्माण न होने से ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में ही सरकार की ओर से इन विकास कार्यों को मंजूरी दी गई है। सरकार ने यह मंजूरी पिछले साल सितंबर महीने में दी थी, लेकिन पहले विभाग की हीलाहवाली और फिर लोकसभा चुनाव की अधिसूचना के कारण कार्य शुरू नहीं हो सका। अब करीब एक साल बाद इन विकास कार्यों पर काम शुरू करने की तैयारी है। इन विकास कार्यों में गली व सड़कों और चौपाल के निर्माण के साथ ही चिन्हित गांवों में स्ट्रीट लाइटें भी लगवाई जाएंगी। इसके साथ ही गांवों में वाटर कूलर रखने जैसे अन्य कई जन कल्याण कारी कार्य भी करवाए जाएंगे।
वर्जन-
करोड़ों रुपये के विकास कार्यों के लिए सदन की बैठक में पिछले साल सितंबर महीने में प्रस्ताव पारित किया गया था, लेकिन पहले कागजी कार्रवाई और फिर उसके बाद आचार संहिता लगने से काम शुरू नहीं हो पाया था। अब आचार संहिता हट गई है तो सभी 21 वार्डों के गांवों में 208 विकास कार्य करवाए जाएंगे। इसकी जल्द ही निविदा सूचना जारी कर दी जाएगी।
- रितू लाठर, डिप्टी सीईओ, जिला परिषद, कैथल।