ज्योतिष विज्ञान ही है संपूर्ण विज्ञान: सोमेश्वर दत्त
गांव मटौर में ज्योतिष शास्त्र पर हुए संगोष्ठि में हरियाणा पंजाब व दिल्ली से पहुंचे विषय विषेश
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अमर उजाला ब्यूरो
कलायत। हरि ओम शरणम् जी वैदिक धर्म समिति द्वारा गांव मटौर के मुक्टेश्वरी तीर्थ पर ज्योतिष गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि हरियाणा संस्कृत अकादमी के निदेशक डा.सोमेश्वर दत्त रहे तथा कुरुक्षेत्र के कृष्णाचार्य ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। संगोष्ठि में हरियाणा व पंजाब से आए ज्योतिष शास्त्र के अनेक विद्वानों ने अपने शोध प्रस्तुत किए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए हरियाणा संस्कृत अकादमी के निदेशक डा. सोमेश्वर दत्त ने कहा कि मानव मात्र की जिज्ञासा को पूरा करने के लिए हमारे देश के महान तपस्वियों व त्रिकालदर्शी महर्षियों ने अपने ज्ञान व तप के बल पर अनेक शास्त्रों की रचना की, जिनमें ज्योतिष शास्त्र को सर्वश्रेष्ठ स्थान प्राप्त है।
दिल्ली विश्वविद्यालय से ज्योतिष में पीएचडी कर रहे आचार्य सुमित ने कहा कि वेदांग शास्त्रों में इस शास्त्र को काल विधान शास्त्र भी कहा गया है। सभा में मौजूद विद्वानों का आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि बिना पूर्ण गणना के प्रश्नकर्ता की जिज्ञासा को शांत न करें। कई सज्जन केवल स्थूल मान से भविष्य कथन कर इस कलिष्ट विद्या में प्रवीण होने का दावा करने लगते हैं। इस वेदांग विषय से परिहास न करके मूल सिद्धांतों को समझें और निपुण ज्योतिषी से परामर्श लें। कार्यक्रम के आयोजक रणधीर शास्त्री, लाभ सिंह, चेतन शर्मा व राजकुश ने कार्यक्रम की समाप्ति पर संगोष्ठि में आए सभी विद्वानों को शाल उढ़ा कर सम्मानित किया।