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बसों को ढूंढतीं रहीं बहनें, निजी व रोजडवेज कर्मचारियों ने करवाया इंतजार

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बसों को ढूंढतीं रहीं बहनें, निजी व रोडवेज कर्मचारियों ने करवाया इंतजार
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बसों के बोर्ड उतार कर खड़ी रहीं बसें, बहनों को पता नहीं चल पाया कौन सी बस कहां जाएगी
कई रुटों पर बसों के फेरे बढ़ाने की बजाए घटाए गए...घंटों के इंतजार के बाद मिलीं बसें
फोटो नंबर-43 व 44
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। रक्षाबंधन पर रविवार को दूसरे दिन भी हरियाणा रोडवेज की बसों में महिलाओं का किराया निशुल्क होने से बस स्टैंड पर महिलाओं की भीड़ उमड़ी रही। समय पर बस न मिलने पर महिलाओं को काफी परेशानियां भी झेलनी पड़ी। बसों के आगे लगाए जाने वाले बोर्ड उतार दिए गए। निजी व रोडवेज बसों के कई रूटों के फेरे कम कर दिए गए। जिससे यात्री परेशान रहे।
विदित रहे की सरकार की ओर से इस बार 24 की बजाय 36 घंटे तक महिलाओं व पंद्रह वर्ष तक के बच्चों का किराया निशुल्क किया गया। लेकिन इस दौरान कई रोडवेज कर्मचारी व निजी बस संचालक मनमानी करते दिखाई दिए। कई बसों में से कंडक्टरों ने बस पर लगाए गए मार्गों के बोर्ड को हटा दिया। जिससे महिलाओं को यह ही नही पता चल सका कि आखिर यह बस जा कहां रही है। वहीं कुछ बस संचालक बसों को बस स्टैंड के अंदर ही नहीं लेकर तो कुछ ने फेरे कम लगाए।
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इंतजार करती रही बहनें : बहनें अपने भाई के घर तक पहुंचने में बसों का घंटों तक इंतजार करती रही। महिला यात्री प्रियंका, कुसम, इंद्रो व जरासो ने बताया कि घंटों तक खड़ा होना पड़ रहा है। हमें टोहाना वाली में बस में जाना था। हम सुबह से खड़े हैं लेकिन अभी तक बस नहीं आई। जो भी बस आई है उसमें ज्यादा भीड़ थी। बसों के आगे बोर्ड भी नहीं हैं। कैसे पता लगाएं कौन सी बस कहां जाएगी।
अधिकतर बसों पर बोर्ड न लगे होने के कारण महिलाएं परेशान : रोडवेज बस चालकों ने भीड़ को देखते हुए अपनी बसों के बोर्ड तक उतार दिए। यात्रियों के पूछने तक नहीं बताया कि बस कहां जाएगी। उल्टा कई परिचालक यात्रियों से ढंग से बात भी नहीं कर रहे थे।
प्राइवेट बसों की चली मनमानी : रक्षाबंधन को लेकर प्राइवेट बस चालकों ने भी मनमानी शुरू कर दी। प्राइवेट बस मालिकों ने जिस रूट पर अपनी बसें दौड़ा रखी थी। उनमें से अधिकतर बस अपने स्टॉपेज पर ही खड़ी रहीं।
पूछने पर भी नहीं बताया समय : जब एक कंडक्टर से पूछा गया कि बस कहां जाएगी? तब कंडक्टर ने कहा, अभी नहीं जाएगी कहीं भी, उसके बाद कहा, किस समय चलेगी, तब कंडक्टर बोला, अभी टाइम टेबल देखकर बताएंगे। उसके बाद बस क ड्राइवर से पूछा तो ड्राइवर ने भी सही तरीके से बात नहीं की। इसके बाद ड्राइवर का जवाब तो और भी हैरान कर देने वाला था।, ड्राइवर ने कहा कि जाण नै इसमें हाम इसने लाहौर ले जैंगे तै तनै कै मतलब है हामं इसने किसै टेम चलावें।
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व्यवस्था बनाने के लिए उतारे बोर्ड : जीएम रामकुमार ने कहा कि बसों से बोर्ड भीड़ को कम करने के लिए उतारे गए हैं। कई बार भीड़ को देखते हुए ड्राइवरों को बसों का रूट बदलना पड़ता था। जिसके लिए बोर्ड को उतारा गया। जिस भी निजी बस संचालक ने बसों को रूटों में दौड़ाने में लापरवाही की है। उनकी शिकायत हेड ऑफिस में की जाएगी।
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