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स्टाफ की कमी का खामियाजा भुगत रहे है विद्यार्थी

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स्टाफ की कमी का खामियाजा भुगत रहे है विद्यार्थी
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अमर उजाला ब्यूरो
राजौंद। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय किठाना में पिछले लंबे समय से स्टाफ की कमी के कारण स्कूल विद्यार्थियों के साथ सरेआम खिलवाड़ किया जा रहा है। आलम यह है कि स्कूल में छटी से बारहवीं कक्षा में 500 के लगभग विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण करते है। जिसमें नौवीं से बारहवीं कक्षा में लडक़े व लड़कियों का स्कूल एक ही है। स्कूल में पिछले कई वर्षों से प्रधानाचार्य का पद भी खाली पड़ा है। हालांकि बीच में कुछ समय के लिए प्रधानाचार्य की नियुक्ति की गई थी लेकिन फिर उनका भी स्थानांतरण कर दिया गया। ऐसे में विद्यार्थियों का भविष्य कैसे उज्ज्वल होगा यह सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है। इतना ही नहीं स्कूल में चौकीदार कम स्वीपर, माली व पी एन का पद भी पिछले लंबे समय से खाली पड़ा है। इन हालातों में स्कूल में पढने वाले विद्यार्थियों के साथ सरेआम खिलवाड़ किया जा रहा है। इसके बावजूद शिक्षा विभाग के बेहतर परीक्षा परिणाम के दावे हवा होकर रह गए है। उधर विद्यार्थियों के अभिभावक रामचंद्र, ईश्वर सिंह, दलबीर सिंह, मोहन सिंह ने बताया कि जब स्कूल में पढ़ाने वाले अध्यापक ही नहीं होगे तो विद्यार्थियों की पढ़ाई किसके बलबूते पर बेहतर होगी। उन्होंने बताया कि उन्होंने यह सोच कर अपने बच्चों को सरकारी स्कूल में दाखिल करवाया था कि सरकारी स्कूलों के बेहतर स्टाफ के कारण उनके बच्चे अच्छे अंक लेकर पास होंगे। दसवीं व बारहवीं दोनों ही कक्षाएं बोर्ड की है शिक्षा विभाग का इस ओर कोई ध्यान नही है। इन लोगों ने बताया कि जिस स्कूल के मुखिया की पोस्ट पिछले कई वर्षों से खाली होगी तो उस स्कूल में अनुशासन किसके बलबूते पर चलता होगा। शिक्षा विभाग को बच्चों के भविष्य को देखते हुए खाली पड़े पदों को तुरंत भरना चाहिए। ताकि बच्चों का भविष्य उज्ज्वल बन सके।
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