आइने में साफ दिखने से बेहतर अपने अंदर को साफ करना चाहिए : इंद्रेश कुमार
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल।
अखिल भारतीय हिंदू महासंघ की ओर से श्री ग्यारह रुद्री मंदिर में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के दूसरे दिन सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। कथा के दौरान आरएसएस के राष्ट्रीय कार्यकरिणी सदस्य इंद्रेश व महासंघ के राष्ट्रीयाध्यक्ष स्वामी शाखानंद गिरी मुख्यातिथि के रूप में मौजूद रहे। इस मौके पर अतिथिगण ने नारायण सेवा संघ की ओर से दिव्यांग बच्चों को कृत्रिम अंग वितरित किए।
कथाव्यास पंडित कैलाश चंद्र ने सत्य की परिभाषा, धर्म की परिभाषा व ज्ञान की परिभाषा पर विस्तार से वर्णन किया। डा. स्वामी शाखानंद गिरी ने हिंदुत्व का सच्चा अर्थ बताया। अपने संदेश में इंद्रेश कुमार ने कहा कि मनुष्य को आइने में साफ-सुथरा दिखने का प्रयास करने की बजाए अपने आप को अंदर से साफ-सुथरा बनाना चाहिए। अर्थाता अपने चरित्र को साफ-सुथरा बनाएं। राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्य की पालन करें। समाज व देश की मजबूती के लिए काम करें। देश में असामाजिक ताकतों से सावधान रहें। यदि हम खुद उच्च चरित्र एवं संस्कारवान होंगे तो अधिकतर समस्याएं स्वयमेव खत्म हो जाएंगी। इसलिए सभी को आत्ममंथन करना चाहिए। भगवान श्रीकृष्ण के संदेश अनुसार कर्म करते हुए फल की चिंता न करें। कर्म जैसा करोगे, उसका फल अवश्य मिलेगा। कथा जैसे आयोजनों से हमें भगवान के संदेश के बारे में अधिक जानकारी मिलती है। इसलिए ऐसे आयोजनों में बढ़-चढ़ कर भाग लेना चाहिए। कार्यक्रम में पहुंचने पर महासंघ की ओर से इंद्रेश कुमार सहित सभी अतिथिगणों का स्वागत किया गया। इस अवसर पर नगर परिषद के पूर्व चेयरमैन यशपाल प्रजापति, कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के सदस्य श्याम सुंदर बंसल, भाजपा नेता अरुण सर्राफ, सतपाल गुप्ता, अमर नैन, वास्तु शास्त्री दर्शन शर्मा, पवन शर्मा, विनोद गर्ग, सोमदत, लाजपत सिंगला, सोनू बंसल, अशेाक मंगला, धर्मपाल, राजू डोहर, अभिषेक गोयल, धर्मपाल, अमित गुप्ता, अभिषेक गोयल आदि मौजूद।
श्री ग्यारह रुद्री मंदिर में चल रही श्रीमद भागवत कथा में पहुंचे आरएसएस अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य
सत्य, धर्म व ज्ञान की परिभाषा पर विस्तार से वर्णन किया
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