पानी के लिए जूझ रहे ग्रामीण
सीवन। गांव रसूलपुर मुगलां के ग्रामीणों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। आठ हजार की आबादी वाले गांव में पानी की भारी किल्लत है। ग्राम पंचायत के द्वारा प्रस्ताव पारित करके प्रशासनिक उच्च अधिकारियों व जन स्वास्थ्य विभाग के एसडीओ व एक्सईएन से मिलने के बाद भी गांव का एक मात्र नलकूप को दोबारा नहीं लगवाया गया। लोगों को दूर दराज के नलकूपों से पानी भर कर लाना पड़ रहा है।
मलकीत सिंह ने बताया कि रसूलपुर जैसे बड़े गांव में पेयजल के लिए दो नलकूप लगाए जाने चाहिए ताकि एक नलकूप के खराब होने पर दूसरे का प्रयोग पेयजल के लिए किया जा सके। रसूलपुर के लोगों की पानी के बिना कैसे गर्मी कटी होगी यह गांव वाले की जानते हे। विभाग को तुरंत एक्शन लेना चाहिए था। जो अब तक भी नहीं लिया है। गांव के सरपंच पुष्पिंद्र सिंह बिट्टू ने बताया की उपायुक्त व एक्सईएन से मिलने के बाद केवल आश्वासन की मिला है कि बोर का इस्टीमेट पास हो चुका है जिससे जल्द लगा दिया जाएगा। बोर खराब हुए लगभग तीन माह बीत चुके हैं। इसे ठीक करवाने के लिए प्रयास किया जा रहा है।