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डेरा प्रमुख की पेशी को लेकर जिले में अलर्ट

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डेरा प्रमुख पर फैसले को लेकर जिले में अलर्ट
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अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। डेरा सच्चा सौदा प्रमुख संत गुरमीत राम की आगामी 25 अगस्त को कोर्ट में पेशी को लेकर जिले में प्रशासनिक मशीनरी अलर्ट हो गई है। डीसी ने जहां अधिकारियों के साथ बैठक लेकर ड्यूटी मजिस्ट्रेट सहित अन्य को ड्यूटियां सौंपी। वहीं पुलिस के आला अधिकारियों ने बैठकें करके पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द करते हुए अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। दूसरी ओर डेरों में शनिवार को सत्संग हुए। जिसमें सूत्रों के अनुसार 24 अगस्त को सभी डेरा प्रेमियों को डेरे में बिस्तर, राशन पानी व अस्त्र-शस्त्रों के साथ पहुंचने का आह्वान किया गया है। कई डेरों में डेरा प्रेमियों ने लाठियां लेकर एकजुटता भी दिखाई।

कानून व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए
डीसी सुनीता वर्मा ने एसपी सुमेर प्रताप सिंह के साथ लघु सचिवालय स्थित सभागार में डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम की पेशी के मामले में ड्यूटी मजिस्ट्रेट तथा पुलिस अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। डीसी ने कहा कि सभी ड्यूटी मजिस्ट्रेट संबंधित पुलिस अधिकारियों के साथ अलॉट किए गए क्षेत्रों में शांति समितियों के साथ बैठक करें तथा अति संवेदनशील एवं संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान करते हुए लगातार लोगों से संपर्क बनाए रखें। अधिकारी 20 अगस्त से ही अलॉट किए गए क्षेत्रों में पैनी नजर बनाए रखें। सभी विभागाध्यक्ष मुख्यालय पर रहना सुनिश्चित करेंगे एवं आवश्यक निर्देशों हेतू लगातार कार्यालय की ई-मेल चेक करेंगे। अपने कार्यालयों में 24 घंटे एक-एक कर्मचारी की ड्यूटी लगाएंगे। किसी भी सूरत में किसी भी व्यक्ति को शांति भंग करने की इजाजत नहीं दी जाएगी।
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एसपी सुमेर प्रताप सिंह ने कहा कि सभी ड्यूटी मजिस्ट्रेट एवं पुलिस अधिकारी की एक संयुक्त टीम है, जो आपसी तालमेल से हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहेंगे। ड्यूटी मजिस्ट्रेट की ड्यूटी संबंधित क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाए रखना है।
एडीसी कैप्टन शक्ति सिंह ने कहा कि ड्यूटी मजिस्ट्रेट एवं पुलिस अधिकारी समय के पाबंद रहते हुए अपने-अपने सूचना तंत्रों को मजबूत करें और निरंतर स्थिति पर नजर बनाए रखें।
दूसरी ओर डेरे की कैथल यूथ विंग के सदस्य वीजेंद्र कुमार ने कहा कि यदि गुरु जी को लेकर कोई गलत बात होती है तो डेरा प्रेमी इसे सहन नहीं करेंगे। 24 अगस्त को सभी डेरा प्रेमियों को बिस्तर, राशन-पानी सहित उनके पास जो भी हथियार हैं, उन्हें लेकर डेरों में पहुंचने का आह्वान किया गया है।

एडीजीपी बोले- कैथल जिला संवेदनशील
उधर, एडीजीपी मोहम्मद अकील शनिवार को लघु सचिवालय पहुंचे। कांफ्रेंस हॉल में एडीजीपी ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जिलेभर के पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों की बैठक ली और वाहनों व शहर की सुरक्षा पर रणनीति बनाई। एडीजीपी ने प्रेस वार्ता में बताया कि संत राम रहीम को लेकर 25 अगस्त को आने वाले फैसले को लेकर वह उत्तरी हरियाणा के सभी जिलों का दौरा कर रहे हैं। जिसमें इन जिलों की सुरक्षा को लेकर ग्राउंड रिपोर्ट हासिल की जा रही है। उत्तरी हरियाणा के अधिकतर जिले पंजाब से सटे हैं। उन्होंने बतया कि प्रदेश के पांच जिले काफी संवेदनशील है। जिसमें कैथल भी शामिल है। पूरे प्रदेश में सुरक्षा के लिहाज से फोर्स की 35 बटालियन मांगी गई है। यदि इन जिलों स्थिति सामान्य नहीं होती तो जिला प्रशासन को धारा 144 का अधिकार है। साथ ही 23 से लेकर 25 अगस्त तक इंटरनेट सेवा भी बंद हो सकती हैं। ताकि किसी प्रकार की कोई भी अफवाह न फैले।
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डेरा प्रेमियों ने नाम चर्चा घरों में जमाए डेरे
सीवन। डेरा सच्चा सौदा प्रमुख संत गुरमीत राम मामले को लेकर शनिवार को डेरा प्रेमियों ने नाम चर्चा घरों में डेरे जमा लिए हैं। ब्लाक भंगी दास मित्रपाल इंसा ने कहा कि शनिवार को नाम चर्चा घर सीवन में हजारों प्रेमी जन बिना बुलावे पर ही इकट्ठे हुए हैं जिनमें भारी गुस्सा है। उनका कहना है कि 25 तारीख को पेशी पर पंचकूला गुरु जी नहीं साध संगत जाएगी। अगर गुरु जी को ले जाना है तो हमारी लाशों पर से जाना होगा। डेरा प्रेमियों का कहना है कि एक गुमनाम चिट्ठी को लेकर चल रहे केस में गुरु जी को बेवजह परेशान किया जा रहा है। इस केस में न तो कोई सच्चाई है और न ही केस करने वाली औरत का ही कुछ पता है। मित्रपाल इंसा ने कहा कि डेरा सच्चा सौदा महाराज गुरमीत राम रहीम सिंह जी इंसा की रहनुमाई में 134 मानवता भलाई के कार्य कर रहा है। अकेले हरियाणा में ही नहीं पंजाब, राजस्थान, दिल्ली सहित अनेक राज्यों में डेरा प्रेमियों में रोष व्याप्त है। उन्होंने राजनैतिक दलों पर आरोप लगाते हुए कहा कि जब वोटों का समय नजदीक आता है सभी दलों के नेता डेरे में गुरु जी के चरणों में हाजिरी लगाते हैं। बाद में चोट करने से भी गुरेज नहीं करते है। इस अवसर पर महेन्द्र पाल तनेजा, डा. नरेन्द्र तनेजा, बहादुर इंसा, दलीप, महेन्द्र सैनी, मनोज कुमार, छोटे लाल सैनी, लीला राम, राज पाल, सुरेन्द्र कक्योर, सुरेश ककराला, सतपाल कक्हेड़ी, धर्मपाल, सेवा सिंह राणा गोहरां आदि मौजूद रहे।
साध संगत इस बात को सहन नहीं करेगी। आने वाली पेशी पर गुरु जी नहीं जाएंगे उनके स्थान पर साध संगत ही पंचकूला कोर्ट में पेशी पर जाएगी।
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