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जिला परिषद के चेयरमैन और वाइस चेयरमैन के खिलाफअविश्वास प्रस्ताव गिरा

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जिला परिषद के चेयरमैन व वाइस चेयरमैन के खिलाफ विश्वास प्रस्ताव गिरा
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अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। जिला परिषद की चेयरपर्सन सुखविंद्र कौर व वाइस चेयरमैन मनीष कठवाड़ के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव शनिवार को गिर गया। डीसी द्वारा बुलाई गई बैठक में एक भी जिला पार्षद नहीं पहुंचा। सत्ता पक्ष के पार्षदों के साथ पांच माह पूर्व विरोध में खड़े कई पार्षद शनिवार को कसौली की वादियों में घूमते रहे। वहीं यहां अविश्वास प्रस्ताव को लेकर बुलाई गई मीटिंग में इंतजार के बाद अधिकारियों ने प्रस्ताव गिरने का एलान कर दिया। जिला परिषद भवन में पहुंची विरोधी पक्ष की एकमात्र जिला पार्षद अंजु जागलान ने भी बैठक में हाजिरी नहीं लगाई। पार्षद व एसएचओ के बीच जमकर तू तू-मैं मैं भी हुई।
अप्रैल माह में जिला परिषद के 21 में से 14 पार्षदों ने चेयरमैन व वाइस चेयरमैन के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के लिए शपथ पत्र दिए थे। डीसी ने 20 अप्रैल को एडीसी की ड्यूटी लगाकर बैठक बुला दी थी। उसमें भी 14 में से 1 पार्षद का समर्थन न मिलने पर विरोधी खेमा भी बैठक में नहीं पहुंचा था। जिस कारण बैठक में अविश्वास प्रस्ताव को रद्द कर दिया था। लेकिन असंतुष्ट खेमा बैठक बुलाने के तरीके पर हाईकोर्ट की शरण में चला गया। हाईकोर्ट ने डीसी को खुद की अध्यक्षता में बैठक बुलाए जाने के आदेश दिए थे। डीसी ने शनिवार सुबह दस बजे यह बैठक बुलाई। इसी बीच विधायक कुलवंत बाजीगर के सहयोग से चेयरमैन व वाइस चेयरमैन विरोधी खेेमे के कई पार्षदों को अपने पक्ष में करने में सफल रहे। यही कारण है कि विरोधी खेमे में केवल अंजू जागलान व भाग सिंह खनौदा ही शेष रह गए। बाकी अधिकतर पार्षद जिला परिषद चेयरमैन व वाइस चेयरमैन के साथ कसौली की वादियों में घूमने का आनंद लेते रहे।
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शनिवार को सुबह 10 बजे बैठक शुरू हुई। जिसके लिए जिला प्रशासन द्वारा गठित कमेटी डीसी, एडीसी, डीडीपीओ, एसडीएम ने 30 मिनट का समय दिया। कमेटी करीब 40 मिनट तक इंतजार तक कोई जिला पार्षद मौके पर नहीं पहुंचा। जिसके बाद डीसी सुनीता वर्मा ने कहा कि किसी भी पार्षद के न पहुंचने पर अविश्वास प्रस्ताव लैप्स कर दिया गया। 21 में से केवल एक जिला पार्षद अंजू जागलान मौके पर आई। उसने भी समिति के सामने अपनी हाजिरी नहीं लगाई है।
भाजपा नेताओं का बैठक में पहुंचने पर किया विरोध :
पार्षद अंजू जागलान ने जिला अध्यक्ष व भाजपा नेता राव सुरेंद्र के वहां पहुंचने पर कड़ा विरोध किया। उन्होंने इंस्पेक्टर अशोक कुमार से कहा कि उनको बाहर निकाला जाए। वरना जो उनके साथ आए हैं, उनको भी अंदर आने दें। जिस पर इंस्पेक्टर अशोक ने अंजू जागलान से कहा कि वे सम्मानजनक शब्दों का प्रयोग करें। वे जिला प्रशासन की ओर से ड्यूटी कर रहे हैं, आप अपना काम करें। दोनों ने एक दूसरे पर अभद्र भाषा से बात करने के आरोप लगाए। इसी बीच भाजपा नेता राव सुरेंद्र व जिला अध्यक्ष सुभाष हजवाना बीच मीटिंग से बाहर आ गए। अधिकारियों ने बीच-बचाव करते हुए मामले को शांत कराया।

10 पार्षदों को बनाया गया है बंधक : अंजू जागलान
जिला परिषद वार्ड नंबर- 2 सदस्य अंजू जागलान ने अविश्वास प्रस्ताव गिर जाने के बाद आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं ने 10 जिला पार्षदों को बंधक बनाया हुआ है, जिस कारण वे बैठक में नहीं पहुंचे। उनके साथ बहुमत था। भाजपा के नेताओं ने उनको यहां नहीं पहुंचने दिया है। भाजपा के विधायक ने नियमों व कायदे कानून को ताक पर रखकर फैसले लिए हैं। उनकी लड़ाई भ्रष्टाचार के खिलाफ है। वह हमेशा जारी रहेगी।

पुरुष पार्षद कसौली और महिला पार्षद शिमला की वादियों में घूमते रहे
जिला परिषद के 21 में से 11 पुरुष पार्षद चेयरपर्सन सुखविंद्र कौर के पति हरदीप आंधली व वाइस चेयरमैन मनीष कठवाड़ के साथ कसौली व महिला पार्षद शिमला की वादियों में चेयरपर्सन सुखविन्द्र कौर के साथ घूमती रही। बैठक खत्म होने के बाद पार्षद कसौली व शिमला की वादियाें में घूमने के बाद कैथल के रवाना हुए है।

दूसरी बार गिरा प्रस्ताव :
एक बार अप्रैल माह में विरोधी खेमे के 14 पार्षद की बजाए 13 का समर्थन होने के चलते अविश्वास प्रस्ताव गिर गया था। अब विरोधी खेमे में महज 2 ही पार्षद बच गए। जिस कारण चेयरमैन व वाइस चेयरमैन ने दूसरी बार विश्वास हासिल किया है।

पूर्व में ये थे विरोध में, जो अब पक्ष में आ गए :
पार्षद अंजू जागलान व भाग सिंह खनौदा के साथी पार्षद मौसिया, मंजू देवी, रेनुबाला व नीलम सहित करीब 14 पार्षद पहले इकट्ठे रहे हैं। लेकिन अब कई पार्षद साथ छोड़कर चेयरपर्सन के पाले खड़े हो गए हैं। चुनाव के बाद जिला पार्षद रेनुबाला, मंजूदेवी, नीलम सहित अन्य पार्षद जिला परिषद भवन नहीं पहुंचे।

भाजपा की बड़ी जीत है : कुलवंत बाजीगर
गुहला-चीका से भाजपा विधायक कुलवंत बाजीगर ने बताया कि यह भाजपा की बड़ी जीत है। अविश्वास प्रस्ताव में 21 में एक भी जिला परिषद सदस्य हाजिर नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में समान विकास हो रहा है। पूरे पांच वर्ष तक चेयरपर्सन सुखविन्द्र कौर व मुनीष कठवाड़ पद पर बने रहेंगे। चेयरपर्सन और वाइस चेयरमैन सबको साथ लेकर चल रहे हैं। यही कारण है कि एक भी पार्षद उनके खिलाफ नहीं आया है। उन्होंने कहा कि जल्द ही नगर परिषद में भाजपा का चेयरमैन बना दिया जाएगा। जो पार्षद असंतुष्ट थे, वे भी भाजपा के हैं।
चेयरपर्सन सुखविंद्र कौर व वाइस चेयरमैन मनीष कठवाड़ ने कहा कि उनके खिलाफ बैठक में एक भी पार्षद नहीं पहुंचा। इसलिए वे कह सकते हैं सभी 21 पार्षद उनके समर्थन में हैं। जनता के विश्वास के साथ पूरे जिले में समान रूप से विकास कार्य करवाए जाएंगे।
दूसरी ओर पार्षद भाग सिंह व पार्षद प्रतिनिधि संजय जागलान ने कहा कि कई पार्षदों को बंधक बनाया हुआ है। उन्होंने कसौली जाकर भी मुलाकात का प्रयास किया। लेकिन पार्षदों को मिलने नहीं दिया गया।
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भाजपा एनजीओ प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक रवि भूषण गर्ग ने कहा कि जिला परिषद कैथल की चेयरपर्सन सुखविंदर कौर ही बनी रहेंगी और वह अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा करेंगे, यह विपक्ष की चौतरफा हार है। उन्होंने कहा कि नगर परिषद कैथल के विषय में कहा कि चेयरमैन पद के होने वाले चुनाव में भी विपक्ष की बजाय भाजपा समर्थित सदस्य ही चेयरमैन होगा।
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